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इतना बढियां लण्ड रोज़ रोज़ नहीं मिलता

देखो अब्बू मैं किसी जरुरी काम से बाहर जा रही हूँ . तब तक तुम आंटी की बिटिया चोदो .इसका नाम है मिस फ़िज़ा . यह जिस काम से आयी है वो मैंने कर दिया है . इस समय आंटी भी घर पर नहीं है . यह अपने घर जाकर बोर होगी, बिचारी ? इसलिए तुम बड़े मजे से इसे यहीं चोदो . मैं अभी आती हूँ . फ़िज़ा चुदवाने में बड़ी मस्त लड़की है . लौड़ा बड़ा मन लगाकर पीती है और अपनी गांड उठा उठा कर मस्ती से लण्ड पेलवाती है . अब्बू इसे चोद कर तेरे लण्ड को बड़ा मज़ा आएगा ? हां एक बात जरुर है की फ़िज़ा को गन्दी गन्दी बातें करने का और गाली बकने का बड़ा शौक है . उसका बिलकुल बुरा न मानना ?
ऐसा कह कर मैं बाहर चली गयी . वहाँ मुझे अचानक रुखसाना आंटी मिल गयी . रुखसाना फ़िज़ा की अम्मी है . मैंने आंटी से साफ साफ कह दिया की फ़िज़ा मेरे घर में मेरे अब्बू से चुदवा रही है . आंटी बड़ी खुश हुई वह बोली अरी मेरी रानी खुशबू तुमने यह बहुत अच्छा किया ? तेरे अब्बू जैसा लण्ड जब उसे मिलेगा तो उसे ज्यादा मज़ा आएगा और वह चुदाने में और एक्सपर्ट हो जायेगी . मुझे तो तेरे अब्बू का लौड़ा बहुत पसंद है . मैं जब रात को सोती हूँ तो सपने में भी तेरे अब्बू का लौड़ा देखती रहती हूँ . मैंने कहा हाय अल्ला, इतना प्यारा लगता है तुम्हे मेरे अब्बू का लण्ड ? तो फिर मेरे घर ही आ जाया करो और मेरे अब्बू के साथ ही सोया करो . वह बोली अरे ऐसा नहीं हो सकता बेटी ? मेरे घर में मेरी बेटी भी है ? मैंने पूंछा आंटी यह बताओ की फ़िज़ा तुमसे इतना खुल कैसे गयी ? उसकी शर्म कहाँ गायब हो गयी . उसकी हिचक कैसे ख़तम की तुमने आंटी ?

आंटी ने कहा :- सुनो खुशबू मैं तुम्हे सुनाती हूँ कि मैंने उसकी शर्म कैसे ख़तम की ?
फ़िज़ा इस समय २३ साल की हो गयी है . यह बात पिछले साल की है जब वह २२ साल की थी . मैंने एक दिन उसे घर में अकेले ब्लू फ़िल्म देखती हुई देख लिया था . मैंने देखा की फ़िज़ा अपने सारे कपडे उतार कर सोफे पर एकदम नंगी बैठी हुई है . मैंने पहली बार उसे बिना किसी कपड़ों के देखा . मैंने देखा की उसकी जांघें मोटी हो गयी है, उसकी बाहें गुन्दाज़ हो गयी है, उसके चूतड़ बड़े बड़े हो गये है, उसकी चूंचियों का साईज़ बढ़ गया है .निपल्स गुलाबी और खूबसूरत हो गये है, उसकी जाँघों के बीच में उभरी हुई मस्त जवानी बड़ी मनमोहक हो गयी है . उसमे घनी घनी काली काली झांटें उग आयी है . मैं समझ गयी की फ़िज़ा को अब लण्ड की बेहद जरुरत है . वह पूरी तरह जवान हो गयी है . मैंने उसे बिलकुल डिस्टर्ब नहीं किया और टी वी पर चल रही ब्लू फ़िल्म मैं भी बड़ी देर तक देखती रही . उसके बड़े बड़े लण्ड देख कर मैं भी गरम हो गयी . मेरे भी मुंह से लार टपकने लगी . फिज़ा का एक हाथ अपनी चूंची पर था और दूसरा चूत पर . ऊँगली बार बार चूत के अंदर का मज़ा ले रही थी . पहले तो मेरा मन हुआ की मैं भी अंदर घुस जाऊं लेकिन मैं वापस चली आयी .
मैंने यह बात अपनी ख़ास दोस्त आलिया को बताई . उसने कहा यार रुखसाना देखो अब तेरी बेटी सायानी हो गयी है . उसे जवानी का मज़ा लेने दो .मैंने कहा यही मैं भी चाहती हूँ पर जब घर में केवल हम दो लोग ही है तो छुप छुप कर कब तक मज़ा लेगी वो और मज़ा लूंगी मैं ? उसने कहा हां बात तो तुम्हारी ठीक है . अच्छा कल मैं तेरे घर आती हूँ और उसके सामने तुमसे खूब गन्दी गन्दी और अश्लील बातें करती हूँ . उसकी शर्म लिहाज़ सब मिटाना होगा . उसका संकोच और उसकी झिझक सब दूर करना होगा ?
दूसरे दिन मैं किचेन में काम कर रही थी . मेरे बगल में फ़िज़ा चावल बीन रही थी . इतने में आलिया आ गयी .

वह बोली :- क्या कर रही है तू भोसड़ी की रुखसाना ?
मैंने कहा :- अपनी झांटें बना रही हूँ बहन चोद ? अरे तुम्हे दिखाई नहीं पड़ता की मैं खाना बना रही हूँ . फिर तू पूंछती क्यों है माँ की लौड़ी, आलिया ?
तुम झांटें बनाओ चाहे अपनी गांड मराओ मुझे क्या ? मैं क्यों तेरी परवाह करूँ ?
आज क्या तेरा लड़ने का मूड है क्या बुर चोदी आलिया ?
मैं क्यों लडूंगी यार ? मैं तो तुमसे सीधे सीधे पूंछ रही हूँ ? तू ही ऊट पटांग जबाब दे रही है .
अच्छा बता कल किससे मरवाई तूने ?
इतने में फ़िज़ा उठ कर जाने लगी तो आलिया बोली अरी फ़िज़ा तू मादर चोद कहाँ जा रही है ?
फ़िज़ा बोली – मुझे शर्म आ रही है आंटी ?
आलिया बोली – अच्छा जब तू बहन चोद नंगी नंगी ब्लू फ़िल्म देखती है तब तुझे शर्म नहीं आती ? जब तू अपनी सहेलियों को गाली देती है , तब तुझे शर्म नहीं आती ? देख फ़िज़ा अब तू जवान हो गयी है . अब शरम वरम छोड़ दे और जवानी का पूरा मज़ा ले ? मैं जिस दिन जवान हुई थी उसी दिन शर्म की माँ चोद दी थी मैंने . संकोच, झिझक, डर सब मैंने गांड में घुसेड़ दिया था . मैं उसी दिन से पकड़ने लगी थी लण्ड और पेलने लगी थी अपनी चूत में लण्ड ? चल तू भी बैठ यहाँ हमारे सामने, मादर चोद और खुल कर बातें कर हम लोगों से ? कहीं जाने की जरुरत नहीं है .
मैंने कहा अच्छा फ़िज़ा लो थोड़े आलू छील दो ? वह आलू छीलने लगी .
आलिया आगे बोली :- यार रुखसाना तुम जुम्मन को जानती हो ? कितना बदमास है साला गांडू कही का ?
मैंने कहा :- क्या हुआ यार इतना नाराज़ क्यों हो उससे ?
वह बोली :- अरे उस दिन साले ने मेरी चूंची पकड़ ली . मैंने भी उसके लण्ड पर हाथ मार दिया . उसकी हिम्मत बढ़ गयी . वह मेरे कान में बोला भाभी बुर दो न मुझे अपनी ?
मैंने कहा :- अबे भोसड़ी के जुम्मन, बुर क्या यहीं सबके सामने लेगा ? घर में आना तब ले जाना मेरी बुर ?
वह बोला :- भाभी इंकार न करना . मैं कल जरुर आऊंगा .
मैंने (रुखसाना) पूंछा :- तो फिर आया वो तेरी बुर लेने ?
आलिया बोली :- हां यार आया न साला और आखिर कार बुर लेकर ही गया ? बड़ा हरामी है बहन चोद ?
तब तक फ़िज़ा बोली :- अरे आंटी उसकी बेटी भी हरामी है ?
आलिया बोली :- क्यों क्या करती है वो ? क्यों हरामी कहती हो उसे ?
फ़िज़ा ने बताया :- वह ससुरी लड़कों के लण्ड की फ़ोटो अपनी मोबाईल में रखती है और सबको दिखाती है ? यही नहीं सबके लण्ड की नाप भी लिख लेती है ? किसका कितना बड़ा है लण्ड ? यह सब अपने मोबाईल में रखती है . गाली बकने में बड़ी तेज है ? लड़के उसकी गालियां सुनने के लिए उसके आगे पीछे घूमते रहते है .

आलिया बोली :- तो फिर चुदाने में भी तेज होगी, ससुरी ?
फ़िज़ा बोली :- पता नहीं पर एक बात और सुनी है मैंने उसके बारे में ? बुरा नहीं मानना आंटी ? मुझे बताने में शर्म आ रही है ? झिझक हो रही है मुझे कहने में ?
आलिया बोली :- तुम खुल कर बताओ न ? शर्माने की कोई जरुरत नहीं है . ये देखो मेरा भोसड़ा ( आलिया ने अपना पेटीकोट उठा कर फ़िज़ा को अपना भोसड़ा दिखा दिया ) देखो मुझे कहीं शर्म आ रही है ?
फ़िज़ा मुस्कराने लगी . फिर वह बोली :- आंटी, मेरे कॉलेज की लड़कियां कहती है की जुम्मन की बेटी अपनी माँ चुदाने में बड़ी तेज है ?
आलियां बोली :- अरे इसमें शर्माने की क्या जरुरत है ? मेरी बेटी भी अपनी माँ चुदाती है ? तुम भी अपनी माँ चुदाना ? जितना मन हो उतना चुदाना ? घर में चुदाना बाहर चुदाना ?
सबकी हंसी छूट गयी .
रुखसाना आंटी बोली :- खुशबू, मेरी बेटी फ़िज़ा उसी दिन से मुझसे बिलकुल खुल गयी . मुझसे गालियों से बात करने लगी .गन्दी से गन्दी अश्लील बातें करने लगी . यहाँ तक की आजकल वह मेरे भोसड़ा में लण्ड भी घुसेड़ देती है . मैं भी कम नहीं हूँ . मैं भी उसकी चूत में पेल देती हूँ लण्ड ?
मैं बोली :- अरी आंटी अब मैं चलती हूँ . शायद मेरा अब्बू तेरी बेटी चोद चुका होगा ?
मैं जब घर पहुंची तो मुझे बेड रूम से कुछ आवाजें सुनायी पड़ी . हाय अंकल बड़ा मस्त लौड़ा है तेरा ? बड़ा मोटा है बहन चोद ? खूब मज़ा आ रहा है मुझे चुदाने में ? पूरा पेल दो लौड़ा साले को ? तेरे लण्ड की माँ का भोसड़ा साला कितना मज़ा देता है ? ये तो मादर चोद मेरी माँ की बुर चोदता है . तेज तेज चोदो अंकल ? गांड से जोर लगा के चोदो ? ओ हां ओहो, उई हाय रब्बा उई माँ कितना बेरहम है तेरा लण्ड अंकल ? मैं समझ गयी कि फ़िज़ा अभी चुदवा रही है . मैं कमरे में घुस गयी .
मैंने कहा :- अरी फ़िज़ा तू कब से चुदा रही है, भोसड़ी वाली ?
वह बोली :- अरे दीदी, तुम्हारे जाते ही मैंने अंकल का लौड़ा खोला तो देखा कि इसकी झांटें बड़ी बड़ी हो गयी है . मैं पहले इसे बाथ रूम ले गयी और कर झांटें बनाई , फिर नहलाया धुलाया और फिर बेड पर लायी . लण्ड में निखार आ गया था . मुझे बड़ा प्यार लगा लण्ड और मैं चूसने लगी . मैं बड़ी मस्त होती जा रही थी . इतने में अब्बू बोला :- अरी खुशबू , फ़िज़ा बिलकुल अपनी अम्मी की तरह ही लौड़ा चूसती है . मैंने कई बार कहा कि अब मुझे चोदने दो पर ये बोली नहीं अंकल अभी और चूस लेने दो लण्ड ? चाट लेने दो लण्ड ? इतना बढियां लण्ड रोज़ रोज़ नहीं मिलता चूसने को ? फिर चुदाऊंगी ? इसने अभी कुछ देर पहले ही चुदाना शुरू किया . थोड़ी देर में अब्बू बोला यार फ़िज़ा अब मैं निकलने वाला हूँ .
बस तभी रुखसाना आंटी आ गयी . उधर फ़िज़ा लण्ड पकड़ कर मुठ्ठ मारने लगी . इधर आंटी भी कूद पड़ी लौड़े पर . लण्ड ने जैसे ही पिचकारी फ़िज़ा के मुंह में मारी तो उसका कुछ हिस्सा आंटी ने भी कैच कर लिया . फिर दोनों ने मिलकर लौड़ा खूब चाटा और मैं देख कर तृप्त हो गयी .
एक दिन मेरी खाला मुमताज़ अपने मियां के साथ आ गयी . उनके साथ उनकी बेटी ज़िया भी थी . वे लोग पिछले १० साल से अमेरिका में रह रहे है . मैं उन्हें १० साल के बाद आज देख रही हूँ . मेरे अब्बू बहुत खुश हो गए . खाला मुझे देख कर अब्बू से बोली ओ’ मई गॉड ये खुशबू तो बहुत बड़ी हो गयी है बहन चोद जीजू . उस समय १३ साल कि थी जब मैं यहाँ से गयी थी . अब तो मासा अल्ला बड़ी खूबसूरत निकल आयी है . अब्बू बोला और ज़िया भी बहुत सुन्दर है मम्मू (खाला का घर का नाम मम्मू है )हमने फ़ौरन ड्रिंक्स का इंतज़ाम किया . मैंने देखा की सबसे ज्यादा शराब ज़िया पी रही थी .
दो पैग शराब पीने के बाद खाला बोली :- खुशबू को शराब पीने का बड़ा शौक है . इसको बहन चोद शराब के साथ लण्ड पीने का भी शौक है खुशबू ? मैं मना करती हूँ पर ये मानती नहीं भोसड़ी वाली ?
ज़िया बोली :- दीदी मुझे एक और शौक है . वह मेरी अम्मी नहीं बता रही है . पूंछो न इससे बहन चोद ?
तब तक खाला बोली :- हां इसे माँ चुदाने का भी शौक है . हर जगह माँ चुदवाती रहती है अपनी ?
ज़िया बोली :- दीदी मैं क्या करूँ ? मेरे कॉलेज की सभी लड़कियां अपनी माँ चुदवाती है . इसलिए मैं भी चुदाने लगी अपनी माँ ? वहाँ तो गांड मारने और मराने का भी चलन है . मैं भी वही करती हूँ . और तुम्हे अम्मी जो नहीं बता रही है वो मैं बताती हूँ . अम्मी को अपनी बेटी चुदाने का शौक है . मुझे सबका लौड़ा पकड़ाती रहती है

सभी लोग नशे आ गये . अचानक खाला अंदर गयीं और थोड़ी देर के बाद अब्बू भी अंदर चला गया . मैं उनके आने का इंतज़ार करती रही पर वे काफी देर तक नहीं आये . तब मैंने ज़िया से कहा जा ज़रा देख कर आ न वे लोग क्या कर रहे है ? वह गयी और फ़ौरन मेरे पास आकर बोली वाओ दीदी जानती हो क्या हो रहा है वहाँ ? मेरी अम्मी खालू का लौड़ा चूस रही है . लौड़ा देख कर मेरा भी मन हो गया है . मेरी चूत में आग लग गयी है दीदी ? मैं तेरे अब्बू का लौड़ा चूसने जा रही हूँ . तुम यहाँ मेरे अब्बू का लौड़ा चूसो ?
वह चली गयी और इधर मेरी भी चूत भड़क उठी . मैं आगे बढ़ी और खालू के कपडे खोल डाले . उसका टन टनाता हुआ लण्ड पकड़ लिया . उसने मेरे सारे कपडे एक एक करके उतार फेंकें ? मैं भी हो गयी मादर चोद नंगी ? इतने में लण्ड फुफकार मारने लगा . मैंने कहा वाओ तेरा लौड़ा तो मेरे अब्बू के लौड़े के टक्कर है खालू . आज मैं तेरा लण्ड चोदूँगी और तेरे लण्ड की माँ चोदूँगी ?
बस फिर क्या मैं इधर खालू से चुदाने लगी और उधर खाला और उसकी बेटी ज़िया मेरे अब्बू से चुदाने लगी . –

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जूसी चूत

सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं की चूत में उंगली करते हुए नमस्कार। मुझे यकीन है की मेरी सेक्सी और कामुक स्टोरी पढकर सभी लड़को के लंड खड़े हो जाएगे और सभी चूतवालियों की गुलाबी चूत अपना रस जरुर छोड़ देगी।

मेरा नाम आलोक श्रीवास्तव है। दोस्तों हमारे देश में अक्सर ही हिन्दू मुसलमान में लड़ाई चलती रहती है। जब कोई हिन्दू लड़का किसी मुसलमान लड़की से प्यार करने लग जाता है तो पूरा जमाना ही दुश्मन बन जाता है। ठीक ऐसा ही हुआ था मेरे साथ। मैं लखनऊ के हजरतगंज मोहल्ले का रहने वाला हूँ। यहाँ पर बड़ी मात्रा में हिन्दू मुसलमान साथ साथ रहते है। क्यूंकि यहाँ पर आबादी बहुत है और रहने वाले लाखो लोग है। मेरे घर के ठीक सामने वाले मकान में एक मुसलमान औरत रहने आ गयी थी। वो अभी किराए पर अपनी फेमिली के साथ रह रही थी। पहले मैं उससे जादा बात नही करता था। मैं फर्स्ट फ्लोर पर रहता था। वो भी फर्स्ट फ्लोर पर रहती थी।

कई बार जब उसे बुर्के में देखता था तो उसका चेहरा देखने का मन करता था। कुछ दिन बाद मेरी उससे अच्छी दोस्तों हो गयी। उसका नाम शबाना था। बहुत सुंदर औरत थी वो। हम दोनों के मकान आपने सामने और काफी पास थे। बीच में एक पतली सी गली थी। जब वो सामने बालकनी में कपड़े सुखाने आती थी तो मेरी उससे बात हो जाती थी।

“क्या तुम अकेली हो??” तुम्हारे हसबैंड नही दिखते है” मैंने उससे एक दिन पूछा

“मेरे हसबैंड ने मुझे तलाक दे दिया है। वो जहाँ पर जॉब करते थे वही पर किसी लड़की को पटा लिया है। अब उसकी ही चूत मारते है” शबाना बोली

फिर रोज ही मेरी उससे बात होने लगी। फिर फोन पर बात शुरू हुई। एक दिन रात में मेरा उससे मिलने का बड़ा मन कर रहा था। मैं शबाना को काल किया।

“तेरे कमरे में आ रहा हूँ” मैंने कहा

“कैसे आओगे?? घर में तो सब लोग है” वो कहने लगी

“जब रात हो जाएगी और जब सब सो जाएँगे तब आऊंगा” मैंने कहा

उसके बाद दोस्तों जैसे ही शबाना के घर में सब लोग सो गये मैं अपनी बालकनी से ही कूद गया उसके मकान में। पहले हमारा किस होने लगा। शबाना भी उतना ही बेकरार लग रही थी। वो आज गुलाबी कलर का चमकीले कपड़े वाला सलवार सूट पहने थी जैसा अक्सर मुस्लिम औरते पहनती है। मैंने उसके होटो को चूसना शुरू किया। उसके होट बहुत जूसी थे। काफी खूबसूरत औरत थी वो। वैसे ही मुसलमानों में लड़कियाँ अच्छी होती है।

“तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो आलोक!!” शबाना कहने लगी

“जानेजिगर!! जानेतमन्ना!! तुम भी किसी हूर से कम नही हो” मैंने कहा और खूब किस किया। उसके जूसी होटो को दांत से काट काटकर गरमा दिया। फ्रेंड्स मैंने आपको बताया ही नही की शबाना का फिगर 36 32 38 का था। उसके दूध काफी बड़े बड़े थे। उसके पति ने उसे कई साल चोदा था और दूध को हाथ से मसल मसल के बड़ा कर दिया था। उसकी गांड भी काफी भारी थी। शबाना भले ही मुसलमान औरत थी पर देखने में हिन्दू लगती थी। मैंने उसे काफी देर तक गले से लगाये रहा और उसे प्यार करता रहा। मैंने अब उसके गालो को दांत से काटना शुरू किया। वो “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” करने लगी। उसके कमीज से उसकी बड़ी बड़ी चूचियां मेरे ठीक सामने थे। मैंने हाथ लगा लगाकर दबाना और मसलना शुरू किया। खूब मजा दिया उसे।

“क्या करना है आलोक??” वो पूछने लगी

“तू बता??” मैंने मजाक करते हुए कहा

हम दोनों ही हँसने लगे। फिर वो बेड पर जाकर लेट गयी। मैंने उसके सूट को उतरवा दिया। ब्रा खोलकर वो नंगी होकर लेट गयी। मैंने उसकी चूची को छूना शुरू किया। शबाना की एक एक चूची इतनी चिकनी थी की मेरे तो हाथ ही फिसल जा रहे थे। मुझे तो सिर्फ छूकर ही मजा मिल रहा था। उसके दूध बिलकुल सफ़ेद थे दूध की तरह। और चूचको के चारो ओर लाल लाल गोले बहुत कामुक दिख रहे थे। मैंने पहले खूब दबाया, फिर मुंह में लेकर चूसने लगा। शबाना “ओहह्ह्ह….अह्हह्हह…अई..अई. .अई… उ उ उ उ उ…” करने लगी। उसे भी बहुत मजा आ रहा था। मैं दबा दबा कर रस निकाल रहा था। मैं दांत चुभा चुभा कर चूस रहा था। मैंने मन भरके उसके मम्मे चूस लिए। वो मेरी पेंट के उपर से लंड को सहलाने लगी।

“क्या कर रही है जानेबहार??” मैंने कहा

“मुझे अपना लौड़ा दिखाओ” शबाना कहने लगी

मैंने जल्दी जल्दी कपड़े उतारे। अपनी पेंट खोली। फिर अंडरवियर खोली और उसे अपना लौड़ा दिखा दिया। वो मेरे 8” के सिलबट्टे जैसे दिखने वाले लौड़े को पकड़कर फेटने लगी। मैं बेड के साइड जाकर बैठ गया। शबाना मुठ दे देकर खड़ा करने लगी। मुझे आनन्द आने लगा। कितने दिनों बाद कोई लड़की मेरे लंड से खेल रही थी। फिर वो मुंह में लेकर चुसना चालू कर दी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अलग तरह की मस्ती आ रही थी। मैं उसके सिर को पकड़कर लंड पर दबा देता था। शबाना को लंड चूसने की खास ट्रेनिंग मिली हुई थी। वो मेरे 8” लौड़े को अच्छे से मुठ दे रही थी। अपनी उँगलियों से पकड़कर जल्दी जल्दी फेट रही थी। मेरे लंड से माल बाहर आने लगा था। पहले तो खूब चूसा उसने। मुझे खूब मजा दिया।

“गोली भी चूसो जान!” मैंने कहा

उसके बाद वो होशियार औरत की तरह मेरी गोलियों को पकड़ पकड़कर मुंह में डाल दी और चूसने लगी। मुझे बहुत आनन्द मिल रहा था। गोलियों चूसने से मेरा लंड कुछ जादा ही सख्त हो गया था। मैंने अपने लंड को पकड़ा और जल्दी जल्दी फेटने लगा। उसे ताव देने लगा। ऐसा लग रहा था की आज वो भी कई सालो बाद चुदाई करने जा रही है। फिर वो बेड पर लेट गयी। पहले सोचने लगा की क्या चीज पहले चूसो। इसकी चूची या चूत। फिर मैंने उसकी चूत चाटना ही बेहतर समझा।

“अपनी चूत के दीदार करवाओ शबाना!!” मैंने कहा

वो दोनों पैर खोल दी। उसकी बोडी कुछ जादा ही सेहतमंद थी। क्यूंकि मुस्लिम औरतो नियमित तौर पर मांस मछली खाया करती है। इसलिए उसके पैर, पेट, चूचियां और पूरा बदन भी काफी गद्दे जैसा था। उसकी चूत भी किसी पाव वाले ब्रेड से कम न थी। उभरी उभरी और फूली फूली। मैंने सोचा की शुभ काम में देर क्या करना। मैंने उसकी चूत का उद्घाटन कर दिया। जल्दी जल्दी मुंह में लेकर चाटने लगा। उस मुसलमान औरत की खूबसूरत चूत को मैं उपर वाले का तोहफा समझकर पीने लगा। अपनी जीभ निकाल निकालकर चाटने लगा। ऐसे में शबाना भी पागल होने लगी।

“आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” बोलकर अपनी कमर उठाने लगी। उसकी बुर काफी सेक्सी और कामुक थी। रबड़ी जैसी लाल लाल थी जैसे प्योर दूध को गर्म करने पर उपर लाल लाल मलाई जम जाती थी। उसी तरह से थी। मैंने खूब चाटा उसकी मशीन को। शबाना चुदासी औरत बन गयी। उसकी चूत के दोनों साइड के होठ भी कम सेक्सी नही थे। मैं उनको दांत से पकड़ पकड़कर चूस डाला। उसकी बुर पहले तो सूखी थी। पर मेरे सेक्सी करतब से अब रस से भीग गयी। अब वो भी चुदने का इंतजार करने लगी।

“आलोक बेबी!! क्या सिर्फ चूसते ही रहोगे या चोदोगे भी??” शबाना कहने लगी

मैंने फिर अपने 8” लंड को फेटना शुरू किया और अच्छे से खड़ा कर दिया। उसकी मशीन में लगा दिया और चूत चोदने लगा। चूत गीली होने की वजह से मेरा लंड किसी पिस्टन की तरह बड़े आराम से अंदर बाहर हो रहा था। शबाना की चूत में गोश ही गोश था इसलिए मुझे भी काफी मजा आ रहा था। पहले मैंने बैठकर 10 मिनट उसकी चूत मारी।

“आओ मुझे प्यार करो” वो कहने लगी

मैं समझ गया की वो क्या कर रही है। मैं अब उसके उपर लेट गया और उसे दोनों बाहों में कसके भींच लिया। मेरे सामने वाली मुसलमान औरत रोमांटिक टाइप की चुदाई की डिमांड कर रही थी। इसलिए मैंने भी उसे दोनों बाहों में कसके दबा लिया और होठ चूसते हुए उसकी चूत फाड़ने था। मेरा लंड उसकी बुर में गहराई में जाकर गड़ गया था। जैसे किसी हिन्दुस्तानी सिपाही ने पाकिस्तान की जमीन पर अपने देश का झंडा गाड़ दिया हो। मैं सटासट उसकी चूत में धक्के लगाने लगा। शबाना मुझे “love you आलोक!! love you आलोक!!” बोलने लगी

वो मुझे उसी तरह से प्यार कर रही थी जैसे कोई औरत अपने शौहर से प्यार करती है। मैंने भी उसे दोनों बाहों में पकड़कर, उसे सीने से लगाकर खूब चोदा। खूब पेला उसे। कोई शिकायत का मौका नही दिया। कामुकता में आकर मैंने कितने बार उसके गोरे गालो पर दांत चुभा दिया और काट लिया। उसे दर्द हुआ पर मजा भी खूब आया। मैंने शबाना की चुदाई जारी रखी। 20 मिनट उसकी चूत मारी। फिर भी मेरा माल नही गिरा।

“रंडी!! आज तेरी चूत को फाड़ दूंगा। इसकी छीछालेदर कर दूंगा” मैंने चुदाई के नशे में कहा

“फाड़ डालो मेरी भोसड़े को आज!! मैं भी तैयार हूँ” शबाना किसी छिनाल की तरह कहने लगी

मेरी वासना को नई मंजिल मिल गयी थी। आज उसे मैं बुरी तरह से चोदने जा रहा था। उसके भोसड़े में मुट्ठी करने की तीव्र आग मेरे दिल में लग गयी।

“रंडी!! तेरी चूत में मुट्ठी करूंगा। सह लेना” मैंने कहा

मैंने जेब से एक कंडोम निकाला और उसे हाथ में पहन लिया। आप लोग तो जानते ही होंगे की कंडोम कितना चिकना होता है। अब धीरे धीरे मैंने अपनी मुट्ठी शबाना की चूत में डालनी शुरू कर दी। उसकी चूत रबर जैसी दिख रही थी। धीरे धीरे मेरी पांचो उँगलियाँ उसके भोसड़े में चली गयी। मुझे आज से जादा सुख कभी नही मिला था। मैं फिर धीरे धीरे हाथ बाहर निकाल लिया। शबाना “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ…..” करने लगी।

उसकी हालत पतली थी। आज तक उसके मर्द ने भी उसकी चुद्दी में मुट्ठी नही डाली थी। ऐसा काम तो मेरे जैसा कमीना इंसान ही कर सकता था। मैंने फिर से अपनी उँगलियों को एकत्र किया और मुट्ठी बनाकर धीरे धीरे फिर से उसके बड़े से भोसड़े में पंहुचा दिया। शबाना जोर जोर से चिखने लगी। उसकी आवाजे मुझे चार गुना जादा मजा दे रही थी। इस तरह से मैं अनेक बार मुट्ठी डाली। डालता, फिर निकाल लेता। फिर डाल देता, फिर निकाल लेता। मैंने हाथो में कंडोम पहन रखा था इसलिए मेरा हाथ काफी चिकना हो गया था। मैंने 20 30 बार उसकी चूत में मुठ्ठी कर डाली। मुझे बहुत मजा मिला।

“चलो डौगी बन जाओ शबाना” मैंने कहा

वो तुरंत ही कुतिया वाले पोज में आ गयी। मैं किसी कुत्ते की तरह पीछे से आकर उसकी चूत चाटने लगा। फिर अपना 8” लंड मैंने डाल दिया और जल्दी जल्दी चोदने लगा। उसकी कमर पकड़कर मैंने बड़ी जल्दी जल्दी उसे पेला। वो ““उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… … हा हा.. ओ हो हो….” करने लगी। मैंने उसके बालो को पकड़ लिया और अपने सीधे हाथो में लपेट लिया। और जोर जोर से कमर आगे पीछे करके चोदने लगा। वो मुसलमान औरत अपने होठो को चबाने लगी।

“हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी… पेलो पेलो और पेलो मुझे!! मेरी चूत की चटनी कर डालो आलोक” शबाना कहने लगी

मैंने उसके दोनों बड़े बड़े चूतड की पिटाई शुरू कर दी। जोर जोर से चांटे उसके चूतड़ पर लगाने लगा। फ्रेंड्स शबाना के चूतड़ इतने सफ़ेद और लाल लाल थे की जहाँ पड़ता था मेरी उँगलियों छप जाती थी। मैं जोर से तडपा तड़पा कर, मार मारकर चोद रहा था। मैंने 15 उसकी चूत चोदी। फिर बाहर लंड निकाल लिया।

“रुक क्यों गये आलोक??” शबाना कहने लगी

“तेरी भूखी चूत को आज अच्छी खुराक मिल गयी है। पर तेरी गांड अभी भी प्यासी है। अब इसका नम्बर है” मैंने कहा

वो मुसलमान औरत शबाना अपने घुटनों को मोड़कर और हाथो पर कुतिया बनी रही। मेरा अगला टारगेट उसकी गांड थी। मैं जल्दी जल्दी चाटने लगा। उसे फिर से सुख मिलने लगा। मैं आज उसके किसी भी छेद को बकसना नही चाहता था। सभी छेदों को चोदना चाहता था। मैं जीभ लगा लगाकर उसकी गांड पीने लगा। वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” करने लगी। मैंने उसे 5 6 मिनट सिर्फ गर्म किया। फिर लंड को उसकी गांड में घुसा डाला। फ्रेंड्स उसकी गांड तो बहुत ही कसी हुई थी। इस वजह से मेरा लंड सिर्फ 4” ही अंदर घुस पाया था। मैं चालू हो गया। जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगा। कुछ देर बाद सबसे बड़ा चमत्कार अपने आप हो गया। उसकी गांड अंदर से चिकनी हो गयी और पूरा 8” लंड अंदर खा ली। शबाना भी बहुत अधिक यौन उत्तेजना प्राप्त करने लगी। वो अपनी गांड खुद ही आगे पीछे करने लगी। इस तरह से खुद ही चुदाने लगी।

“बहुत अच्छा कर रही हो जानेतमन्ना!! इसी तरह अपनी गांड को आगे पीछे चलाओ!!” मैंने कहा

उसके बाद बड़ा मजा लूटा हम दोनों ने। उसकी कुवारी गांड में थूक थूक कर मैंने चोदा और माल भी उसी में गिरा दिया। ज्योही लंड बाहर निकाला उसकी गांड किसी स्पंज वाले छेने की तरह माल को बाहर फेकने लगी। मैंने फिर से जीभ लगाकर उसकी गांड पीनी शुरू कर दी। मैंने उस पहली ही रात में उसकी अच्छे से खातिर कर दी। फिर कपड़े लेकर अपने घर चला आया।

दूसरी दिन जैसे ही रात हुई मैं उसके पास जाने का वेट करने लगा। फिर उसके पास पंहुचा गया। आज भी उससे पहले खूब लंड चुस्वाया। फिर उसकी चूत और गांड चोदी। इस तरह से अब रोज ही रात होने पर मैं अपने सामने वाली मुसलमान औरत के घर चला जाता था। पर दोस्तों एक दिन उसके घर वालो को हमारे चक्कर के बारे में पता चल गया। मुझे भी उन लोगो ने खूब मारा पीटा और उसे भी खूब मार पड़ी। उसके बाद उसके घर वाले उस मकान को खाली करके चले गये। पर शबाना जैसी सेक्सी औरत की खूबसूरत चूत की याद मुझे आज भी आती थी। आपको स्टोरी कैसी लगी मेरे को जरुर बताना और सभी फ्रेंड्स नई नई स्टोरीज के लिए नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पढ़ते रहना। आप स्टोरी को शेयर भी करना।

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