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इतना बढियां लण्ड रोज़ रोज़ नहीं मिलता

देखो अब्बू मैं किसी जरुरी काम से बाहर जा रही हूँ . तब तक तुम आंटी की बिटिया चोदो .इसका नाम है मिस फ़िज़ा . यह जिस काम से आयी है वो मैंने कर दिया है . इस समय आंटी भी घर पर नहीं है . यह अपने घर जाकर बोर होगी, बिचारी ? इसलिए तुम बड़े मजे से इसे यहीं चोदो . मैं अभी आती हूँ . फ़िज़ा चुदवाने में बड़ी मस्त लड़की है . लौड़ा बड़ा मन लगाकर पीती है और अपनी गांड उठा उठा कर मस्ती से लण्ड पेलवाती है . अब्बू इसे चोद कर तेरे लण्ड को बड़ा मज़ा आएगा ? हां एक बात जरुर है की फ़िज़ा को गन्दी गन्दी बातें करने का और गाली बकने का बड़ा शौक है . उसका बिलकुल बुरा न मानना ?
ऐसा कह कर मैं बाहर चली गयी . वहाँ मुझे अचानक रुखसाना आंटी मिल गयी . रुखसाना फ़िज़ा की अम्मी है . मैंने आंटी से साफ साफ कह दिया की फ़िज़ा मेरे घर में मेरे अब्बू से चुदवा रही है . आंटी बड़ी खुश हुई वह बोली अरी मेरी रानी खुशबू तुमने यह बहुत अच्छा किया ? तेरे अब्बू जैसा लण्ड जब उसे मिलेगा तो उसे ज्यादा मज़ा आएगा और वह चुदाने में और एक्सपर्ट हो जायेगी . मुझे तो तेरे अब्बू का लौड़ा बहुत पसंद है . मैं जब रात को सोती हूँ तो सपने में भी तेरे अब्बू का लौड़ा देखती रहती हूँ . मैंने कहा हाय अल्ला, इतना प्यारा लगता है तुम्हे मेरे अब्बू का लण्ड ? तो फिर मेरे घर ही आ जाया करो और मेरे अब्बू के साथ ही सोया करो . वह बोली अरे ऐसा नहीं हो सकता बेटी ? मेरे घर में मेरी बेटी भी है ? मैंने पूंछा आंटी यह बताओ की फ़िज़ा तुमसे इतना खुल कैसे गयी ? उसकी शर्म कहाँ गायब हो गयी . उसकी हिचक कैसे ख़तम की तुमने आंटी ?

आंटी ने कहा :- सुनो खुशबू मैं तुम्हे सुनाती हूँ कि मैंने उसकी शर्म कैसे ख़तम की ?
फ़िज़ा इस समय २३ साल की हो गयी है . यह बात पिछले साल की है जब वह २२ साल की थी . मैंने एक दिन उसे घर में अकेले ब्लू फ़िल्म देखती हुई देख लिया था . मैंने देखा की फ़िज़ा अपने सारे कपडे उतार कर सोफे पर एकदम नंगी बैठी हुई है . मैंने पहली बार उसे बिना किसी कपड़ों के देखा . मैंने देखा की उसकी जांघें मोटी हो गयी है, उसकी बाहें गुन्दाज़ हो गयी है, उसके चूतड़ बड़े बड़े हो गये है, उसकी चूंचियों का साईज़ बढ़ गया है .निपल्स गुलाबी और खूबसूरत हो गये है, उसकी जाँघों के बीच में उभरी हुई मस्त जवानी बड़ी मनमोहक हो गयी है . उसमे घनी घनी काली काली झांटें उग आयी है . मैं समझ गयी की फ़िज़ा को अब लण्ड की बेहद जरुरत है . वह पूरी तरह जवान हो गयी है . मैंने उसे बिलकुल डिस्टर्ब नहीं किया और टी वी पर चल रही ब्लू फ़िल्म मैं भी बड़ी देर तक देखती रही . उसके बड़े बड़े लण्ड देख कर मैं भी गरम हो गयी . मेरे भी मुंह से लार टपकने लगी . फिज़ा का एक हाथ अपनी चूंची पर था और दूसरा चूत पर . ऊँगली बार बार चूत के अंदर का मज़ा ले रही थी . पहले तो मेरा मन हुआ की मैं भी अंदर घुस जाऊं लेकिन मैं वापस चली आयी .
मैंने यह बात अपनी ख़ास दोस्त आलिया को बताई . उसने कहा यार रुखसाना देखो अब तेरी बेटी सायानी हो गयी है . उसे जवानी का मज़ा लेने दो .मैंने कहा यही मैं भी चाहती हूँ पर जब घर में केवल हम दो लोग ही है तो छुप छुप कर कब तक मज़ा लेगी वो और मज़ा लूंगी मैं ? उसने कहा हां बात तो तुम्हारी ठीक है . अच्छा कल मैं तेरे घर आती हूँ और उसके सामने तुमसे खूब गन्दी गन्दी और अश्लील बातें करती हूँ . उसकी शर्म लिहाज़ सब मिटाना होगा . उसका संकोच और उसकी झिझक सब दूर करना होगा ?
दूसरे दिन मैं किचेन में काम कर रही थी . मेरे बगल में फ़िज़ा चावल बीन रही थी . इतने में आलिया आ गयी .

वह बोली :- क्या कर रही है तू भोसड़ी की रुखसाना ?
मैंने कहा :- अपनी झांटें बना रही हूँ बहन चोद ? अरे तुम्हे दिखाई नहीं पड़ता की मैं खाना बना रही हूँ . फिर तू पूंछती क्यों है माँ की लौड़ी, आलिया ?
तुम झांटें बनाओ चाहे अपनी गांड मराओ मुझे क्या ? मैं क्यों तेरी परवाह करूँ ?
आज क्या तेरा लड़ने का मूड है क्या बुर चोदी आलिया ?
मैं क्यों लडूंगी यार ? मैं तो तुमसे सीधे सीधे पूंछ रही हूँ ? तू ही ऊट पटांग जबाब दे रही है .
अच्छा बता कल किससे मरवाई तूने ?
इतने में फ़िज़ा उठ कर जाने लगी तो आलिया बोली अरी फ़िज़ा तू मादर चोद कहाँ जा रही है ?
फ़िज़ा बोली – मुझे शर्म आ रही है आंटी ?
आलिया बोली – अच्छा जब तू बहन चोद नंगी नंगी ब्लू फ़िल्म देखती है तब तुझे शर्म नहीं आती ? जब तू अपनी सहेलियों को गाली देती है , तब तुझे शर्म नहीं आती ? देख फ़िज़ा अब तू जवान हो गयी है . अब शरम वरम छोड़ दे और जवानी का पूरा मज़ा ले ? मैं जिस दिन जवान हुई थी उसी दिन शर्म की माँ चोद दी थी मैंने . संकोच, झिझक, डर सब मैंने गांड में घुसेड़ दिया था . मैं उसी दिन से पकड़ने लगी थी लण्ड और पेलने लगी थी अपनी चूत में लण्ड ? चल तू भी बैठ यहाँ हमारे सामने, मादर चोद और खुल कर बातें कर हम लोगों से ? कहीं जाने की जरुरत नहीं है .
मैंने कहा अच्छा फ़िज़ा लो थोड़े आलू छील दो ? वह आलू छीलने लगी .
आलिया आगे बोली :- यार रुखसाना तुम जुम्मन को जानती हो ? कितना बदमास है साला गांडू कही का ?
मैंने कहा :- क्या हुआ यार इतना नाराज़ क्यों हो उससे ?
वह बोली :- अरे उस दिन साले ने मेरी चूंची पकड़ ली . मैंने भी उसके लण्ड पर हाथ मार दिया . उसकी हिम्मत बढ़ गयी . वह मेरे कान में बोला भाभी बुर दो न मुझे अपनी ?
मैंने कहा :- अबे भोसड़ी के जुम्मन, बुर क्या यहीं सबके सामने लेगा ? घर में आना तब ले जाना मेरी बुर ?
वह बोला :- भाभी इंकार न करना . मैं कल जरुर आऊंगा .
मैंने (रुखसाना) पूंछा :- तो फिर आया वो तेरी बुर लेने ?
आलिया बोली :- हां यार आया न साला और आखिर कार बुर लेकर ही गया ? बड़ा हरामी है बहन चोद ?
तब तक फ़िज़ा बोली :- अरे आंटी उसकी बेटी भी हरामी है ?
आलिया बोली :- क्यों क्या करती है वो ? क्यों हरामी कहती हो उसे ?
फ़िज़ा ने बताया :- वह ससुरी लड़कों के लण्ड की फ़ोटो अपनी मोबाईल में रखती है और सबको दिखाती है ? यही नहीं सबके लण्ड की नाप भी लिख लेती है ? किसका कितना बड़ा है लण्ड ? यह सब अपने मोबाईल में रखती है . गाली बकने में बड़ी तेज है ? लड़के उसकी गालियां सुनने के लिए उसके आगे पीछे घूमते रहते है .

आलिया बोली :- तो फिर चुदाने में भी तेज होगी, ससुरी ?
फ़िज़ा बोली :- पता नहीं पर एक बात और सुनी है मैंने उसके बारे में ? बुरा नहीं मानना आंटी ? मुझे बताने में शर्म आ रही है ? झिझक हो रही है मुझे कहने में ?
आलिया बोली :- तुम खुल कर बताओ न ? शर्माने की कोई जरुरत नहीं है . ये देखो मेरा भोसड़ा ( आलिया ने अपना पेटीकोट उठा कर फ़िज़ा को अपना भोसड़ा दिखा दिया ) देखो मुझे कहीं शर्म आ रही है ?
फ़िज़ा मुस्कराने लगी . फिर वह बोली :- आंटी, मेरे कॉलेज की लड़कियां कहती है की जुम्मन की बेटी अपनी माँ चुदाने में बड़ी तेज है ?
आलियां बोली :- अरे इसमें शर्माने की क्या जरुरत है ? मेरी बेटी भी अपनी माँ चुदाती है ? तुम भी अपनी माँ चुदाना ? जितना मन हो उतना चुदाना ? घर में चुदाना बाहर चुदाना ?
सबकी हंसी छूट गयी .
रुखसाना आंटी बोली :- खुशबू, मेरी बेटी फ़िज़ा उसी दिन से मुझसे बिलकुल खुल गयी . मुझसे गालियों से बात करने लगी .गन्दी से गन्दी अश्लील बातें करने लगी . यहाँ तक की आजकल वह मेरे भोसड़ा में लण्ड भी घुसेड़ देती है . मैं भी कम नहीं हूँ . मैं भी उसकी चूत में पेल देती हूँ लण्ड ?
मैं बोली :- अरी आंटी अब मैं चलती हूँ . शायद मेरा अब्बू तेरी बेटी चोद चुका होगा ?
मैं जब घर पहुंची तो मुझे बेड रूम से कुछ आवाजें सुनायी पड़ी . हाय अंकल बड़ा मस्त लौड़ा है तेरा ? बड़ा मोटा है बहन चोद ? खूब मज़ा आ रहा है मुझे चुदाने में ? पूरा पेल दो लौड़ा साले को ? तेरे लण्ड की माँ का भोसड़ा साला कितना मज़ा देता है ? ये तो मादर चोद मेरी माँ की बुर चोदता है . तेज तेज चोदो अंकल ? गांड से जोर लगा के चोदो ? ओ हां ओहो, उई हाय रब्बा उई माँ कितना बेरहम है तेरा लण्ड अंकल ? मैं समझ गयी कि फ़िज़ा अभी चुदवा रही है . मैं कमरे में घुस गयी .
मैंने कहा :- अरी फ़िज़ा तू कब से चुदा रही है, भोसड़ी वाली ?
वह बोली :- अरे दीदी, तुम्हारे जाते ही मैंने अंकल का लौड़ा खोला तो देखा कि इसकी झांटें बड़ी बड़ी हो गयी है . मैं पहले इसे बाथ रूम ले गयी और कर झांटें बनाई , फिर नहलाया धुलाया और फिर बेड पर लायी . लण्ड में निखार आ गया था . मुझे बड़ा प्यार लगा लण्ड और मैं चूसने लगी . मैं बड़ी मस्त होती जा रही थी . इतने में अब्बू बोला :- अरी खुशबू , फ़िज़ा बिलकुल अपनी अम्मी की तरह ही लौड़ा चूसती है . मैंने कई बार कहा कि अब मुझे चोदने दो पर ये बोली नहीं अंकल अभी और चूस लेने दो लण्ड ? चाट लेने दो लण्ड ? इतना बढियां लण्ड रोज़ रोज़ नहीं मिलता चूसने को ? फिर चुदाऊंगी ? इसने अभी कुछ देर पहले ही चुदाना शुरू किया . थोड़ी देर में अब्बू बोला यार फ़िज़ा अब मैं निकलने वाला हूँ .
बस तभी रुखसाना आंटी आ गयी . उधर फ़िज़ा लण्ड पकड़ कर मुठ्ठ मारने लगी . इधर आंटी भी कूद पड़ी लौड़े पर . लण्ड ने जैसे ही पिचकारी फ़िज़ा के मुंह में मारी तो उसका कुछ हिस्सा आंटी ने भी कैच कर लिया . फिर दोनों ने मिलकर लौड़ा खूब चाटा और मैं देख कर तृप्त हो गयी .
एक दिन मेरी खाला मुमताज़ अपने मियां के साथ आ गयी . उनके साथ उनकी बेटी ज़िया भी थी . वे लोग पिछले १० साल से अमेरिका में रह रहे है . मैं उन्हें १० साल के बाद आज देख रही हूँ . मेरे अब्बू बहुत खुश हो गए . खाला मुझे देख कर अब्बू से बोली ओ’ मई गॉड ये खुशबू तो बहुत बड़ी हो गयी है बहन चोद जीजू . उस समय १३ साल कि थी जब मैं यहाँ से गयी थी . अब तो मासा अल्ला बड़ी खूबसूरत निकल आयी है . अब्बू बोला और ज़िया भी बहुत सुन्दर है मम्मू (खाला का घर का नाम मम्मू है )हमने फ़ौरन ड्रिंक्स का इंतज़ाम किया . मैंने देखा की सबसे ज्यादा शराब ज़िया पी रही थी .
दो पैग शराब पीने के बाद खाला बोली :- खुशबू को शराब पीने का बड़ा शौक है . इसको बहन चोद शराब के साथ लण्ड पीने का भी शौक है खुशबू ? मैं मना करती हूँ पर ये मानती नहीं भोसड़ी वाली ?
ज़िया बोली :- दीदी मुझे एक और शौक है . वह मेरी अम्मी नहीं बता रही है . पूंछो न इससे बहन चोद ?
तब तक खाला बोली :- हां इसे माँ चुदाने का भी शौक है . हर जगह माँ चुदवाती रहती है अपनी ?
ज़िया बोली :- दीदी मैं क्या करूँ ? मेरे कॉलेज की सभी लड़कियां अपनी माँ चुदवाती है . इसलिए मैं भी चुदाने लगी अपनी माँ ? वहाँ तो गांड मारने और मराने का भी चलन है . मैं भी वही करती हूँ . और तुम्हे अम्मी जो नहीं बता रही है वो मैं बताती हूँ . अम्मी को अपनी बेटी चुदाने का शौक है . मुझे सबका लौड़ा पकड़ाती रहती है

सभी लोग नशे आ गये . अचानक खाला अंदर गयीं और थोड़ी देर के बाद अब्बू भी अंदर चला गया . मैं उनके आने का इंतज़ार करती रही पर वे काफी देर तक नहीं आये . तब मैंने ज़िया से कहा जा ज़रा देख कर आ न वे लोग क्या कर रहे है ? वह गयी और फ़ौरन मेरे पास आकर बोली वाओ दीदी जानती हो क्या हो रहा है वहाँ ? मेरी अम्मी खालू का लौड़ा चूस रही है . लौड़ा देख कर मेरा भी मन हो गया है . मेरी चूत में आग लग गयी है दीदी ? मैं तेरे अब्बू का लौड़ा चूसने जा रही हूँ . तुम यहाँ मेरे अब्बू का लौड़ा चूसो ?
वह चली गयी और इधर मेरी भी चूत भड़क उठी . मैं आगे बढ़ी और खालू के कपडे खोल डाले . उसका टन टनाता हुआ लण्ड पकड़ लिया . उसने मेरे सारे कपडे एक एक करके उतार फेंकें ? मैं भी हो गयी मादर चोद नंगी ? इतने में लण्ड फुफकार मारने लगा . मैंने कहा वाओ तेरा लौड़ा तो मेरे अब्बू के लौड़े के टक्कर है खालू . आज मैं तेरा लण्ड चोदूँगी और तेरे लण्ड की माँ चोदूँगी ?
बस फिर क्या मैं इधर खालू से चुदाने लगी और उधर खाला और उसकी बेटी ज़िया मेरे अब्बू से चुदाने लगी . –

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