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मेरी गांड फाड़ दी

असल में मैं हरियाणा की रहने वाली हूँ। मेरी शादी एक बड़े घर में हुआ है शादी करवाने वाली मेरी सौतेली माँ है। उसने पांच लाख लेकर मेरी शादी करवाई है। तो आपको समझ आ गया होगा। या तो मैं अपने ससुराल से भाग जाऊं या जो हो रहा है उसी का फायदा उठाऊं और ज़िंदगी जिऊँ। दोस्तों इसी कसमकस में सोची की शायद मुझे यही सही रहेगा की मैं ससुराल में ही रहूं। अगर मैं भाग जाती हूँ तो यहाँ मुझे तीन चोद रहा है। पता नहीं कितने लोगों के बिस्तर को गर्म करना होगा हालात से लड़कर और जीने के लिए। और रही बात वापस हरियाणा जाने की जहाँ एक चुड़क्कड़ सौतेली माँ हो वो मुझे वह भी बेचेगी। तो बार बार और कई लोगों से बिकने से अच्छा है की एक घर में ही चुदवा लूँ।

अब मैं आपको अपनी पूरी कहानी बता रही हूँ।

शादी के बाद मैं अपने ससुराल आ गई। रात में पति ने मेरे साथ खूब रंगरेलियां मनाई मैं भी खूब गांड उठा उठा कर चुदवाई। रात में मेरी चूत का भोंसड़ा बना दिया। मेरी गांड फाड़ दी थी चुत मार कर। मैं भी तैस में आ गई और खूब कूदी उसके लंड पर और खूब मजे ली पूरी रात। पर जब वो ठंढा पड़ा और मैं कपडे पहन ली तब वो मुझे रूल समझाने लगा की मेरे घर का क्या रूल है। उसने एक बात बोला की तुम कभी भी मेरे पापा को और मेरे भाई को नाराज नहीं करोगी ? मैं भी तैस में आकर पूछ ली। नाराज क्या ? क्या वो मेरी चूत मांगेगे तो वो भी देनी पड़ेगी। तो मेरा पति बोला हां सब कुछ।

मेरी सास नहीं है। वो पहले ही चल बसी शायद तीन तीनो ने चोद चोद कर ऊपर पहुंचा दिया था। 50 साल की उम्र के बच्चा होने वाला था। शायद इन तीनो का ही काम होगा, मैं इसके बारे में कुछ पूछी नहीं। मुझे लगा जो भी कह रहा है मेरा पति मान लेते हैं। आगे देखा जाएगा क्या करने है। पहले तो सौतेली माँ से ही मेरा पाला छूटा यही कम नहीं थी। रही बात ससुर का वो देख लुंगी और रही बात देवर का तो मजे लुंगी।

सुबह मेरा पति अपने ड्यूटी पर चला गया क्यों की उसे जाना जरुरी था। देवर भी उठा और वो भी चला गया अपने काम कर रह गया घर में बूढा। मैं नहाने गई बाथरूम में। नहा कर जैसे बाहर आई और अपने कमरे में गई तो बूढा मेरी पलंग पर बैठा था। मैं पूछी की बाबूजी आप यहाँ? तो वो बोला क्यों नहीं बहुरानी ये घर ऐसा है कोई भी कही जा सकता है। एक चीज को हम लोग बाँट कर खाते हैं। एक की शादी हो गई अब आप एक की नहीं हो हम तीनो की हो।

मैं सनझ गई, रात को जो मेरा पति बोला था वही हुआ। ससुर मुझे चोदने के लिए तैयार था। मैं बोली अभी मुझे बहुत दर्द हो रहा है। रात भर उन्होंने मेरी चूत का भोंसड़ा बना दिया है। दर्द कर रहा है। तो उन्होंने बोला इसका मैं ख्याल रखूंगा। मैं अभी नहीं चोदता हूँ। मैं तुम्हारी चूत में तेल लगा देता हूँ ताकि दर्द ख़तम हो जाये। मैं मना की पर उन्होंने कहा नहीं नहीं मुझे ये दर्द पसंद नहीं। मैं आता हूँ तेल गरम करके।

तब तक मैं बाल झाड़ कर सिंदूर रही थी तभी ससुर जी। सरसों का गरम तेल ले आये और मुझे बोले लेट जा। मैं लेट गई। उन्होंने पेटीकोट ऊपर कर दिया। और पेंटी उतार दी। दोनों पैरों को फैला दिया और पहले चूत को सहला कर देखा और मुस्कराने लगे। बोले भगवान् में मेरी सुन ली। मैं भगवान् से माँगा रहा था की मुझे ऐसी बहू देना जिसके चूत में बाल नहीं हो। और ऐसा ही हुआ क्लीन है तुम्हरी चूत।

उसके बाद वो तेल लगाने लगे। करीब पांच मिनट तक तेल लगाए मेरी चूत गीली होने लगी। चूचियां भी तन गई थी। मुझे ऐसा लग रहा था इनसे चुद जाऊं। तभी उन्होंने कह दिया बहु हौले हौले घुसाऊ। मैं बोली ठीक है।

उन्होंने तुरंत धोती खोला और नीला अंडरवियर जो लाइन बाला होता है। खोल दिया और लैंड को हिलाने लगे और उसमे भी उन्होंने तेल लगा लिया और फिर से मेरी चूत में तेल लगा लिया और चूत पर लंड लगा कर घुसाने लगे। पर उनका लौड़ा घुस नहीं रहा था क्यों की दम नहीं था। खड़ा सही से नहीं हो रहा था। फिर उन्होंने हिलाया और फिर मेरी मुँह में दे दिया जब मैं थोड़े देर तक अपने मुँह में ली तो उनका लौड़ा मोटा और लंबा हो गया।

अब वो मेरी चूत में घुसा दिए और करीब दस मिनट तक चोदे और सारा माल मेरे पेट पर गिरा दिए। मैं प्यासी ही थी अभी दर्द तो ख़तम हो गया था। अब दर्द नहीं हो रहा था। बाबूजी खेत चले गए। मैं सो गई क्यों की रात में चुदवा रही थी।

करीब तीन बजे नींद खुली वो भी जब घर का दरवाजा कोई पीट रहा था। जाकर खोली तो देखि देवर जी थे।

वो अंदर आते ही दरवाजा बंद कर दिए। और मुझे अपनी बाहों में ले लिए। मैं भी खुश खुश उनके बाहों में समा गई। क्यों की देवर जी को मैं पसंद करती थी वो मेरे लायक थे। वो मेरे होठ को चूसने लगे चूचियां दबाने लगे। मैं भी उनको किस करने लगी सहलाने लगी।

वो मुझे बैडरूम में लेकर आये और मेरी ब्लाउज खोल दिए मैं खुद ही ब्रा खोल दी पेटीकोट भी उतार दी। ये सब देखकर बोले मुझे बहुत ख़ुशी हुई आप मेरे घर के कायदे कानून को बिना झिझक के अपना लिए हैं। आप रानी बनकर रहेंगे इस घर में।

और वो मेरे ऊपर टूट पड़े मेरी चूचियां पिने लगे। दबाने लगे। होठ चूसने लगे। और फिर उन्होंने मेरी गांड चाटी और फिर चूत चाटने लगे। मैं बोली बस करो ऐसे चाटना अभी मुझे चोद दो। क्यों की ससुर जी मुझे गरम कर के चले गए। वो बोले अच्छा बाबूजी मजा ले लिए तो मैं बोली हां वो मुझे चोद दिए। तो देवर जी बोले और मैं ही पीछे रह गया।

और उन्होंने में टांग को अलग अलग किया और मोटा लौड़ा मेरी चूत पर लगा कर पेल दिया। अब मुझे दर्द होने लगा था क्यों की देवर का लौड़ा काफी मोटा और लंबा था। वो चोदना शुरू किये तो मैं पानी पानी हो गई। खूब चोदा उठा पर पटक कर ऊपर से निचे से बैठ कर खड़े होकर। करीब एक घंटे तक उन्होंने चोदा मुझे आखिर उनका भी गिर गया।

उन्होंने अपने जेब से एक सोने का चेन निकाला और मुझे दे दिया और बोले ये मेरे तरफ से।

दोस्तों पहले तो सात दिन तक मुझे काफी दर्द हुआ था। क्यों की मेरी चूत नाजुक थी। पर अब मैं तैयार हो गई है तीन मर्द से चुदने को तो अब कोई बात नहीं है। खूब चुद रही हूँ मजे ले रही हूँ। मैं अपनी दूसरी कहानी भी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिखने जा रही हूँ। आप जरूर पढियेगा।

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बूब्स दबवाने का मजा

हैल्लो दोस्तों,  में समीरा और मेरी उम्र 22 साल है, में दिखने में बहुत सुंदर, गोरी मेरा गदराया हुआ बदन, बड़ी बड़ी आंखे, गोल चेहरा, पतली कमर, बड़े ही सुडोल बड़े बड़े आकार के बूब्स, मस्त सेक्सी गांड को देखकर हर किसी का लंड पानी छोड़ने पर मजबूर हो जाता है, मेरी लम्बाई 5.7 इंच है.

दोस्तों यह घटना एक साल पुरानी है, जब मेरी उम्र 21 साल और मेरे भाई की उम्र 18 साल थी और उस दिन मेरे मम्मी और पापा किसी काम से कुछ दिनों के लिए आउट ऑफ स्टेशन गये हुए थे तो उस दिन में और मेरा छोटा भाई रूम में बैठे हुए थे और उस समय वो फोन पर गेम खेल रहा था और में बेड पर बैठी हुई थी और मैंने उस समय गहरे गले की नाईटी पहनी हुई थी और जिसमें से मेरे बूब्स बड़े आकार के होने की वजह से बहुत ही सुंदर और आधे से ज्यादा नंगे दिख रहे थे तो वो अब मेरी तरफ चोरी चोरी देख रहा था और मुझे बहुत अजीब सा लगा, लेकिन थोड़ा थोड़ा अच्छा भी लग रहा था और वैसे में घर पर ज्यादातर नाईटी ही पहना करती थी और बाहर जाते समय बिल्कुल टाईट जींस और टी-शर्ट पहना करती थी, जिसकी वजह से बाहर का हर एक लड़का मुझे देखकर लाईन मारता था.

फिर थोड़ी ही देर के बाद मैंने उससे कहा कि टीनू प्लीज मेरे पैर दबा दे बहुत दुख रहे है, उसने एकदम से बोला कि हाँ अभी दबा देता हूँ दीदी और अब उसकी आखें जैसे बिल्कुल चमक सी उठी हो. मैंने एक कंबल ले रखा था और अब वो मेरे पैर दबाने लगा और में बेड पर लेट गई. दोस्तों उसका व्यहवार पिछले कुछ दिनों से मेरे लिए एकदम बदल सा गया था, क्योंकि मैंने बहुत बार गौर किया कि वो मुझे किसी ना किसी बहाने से छूने की कोशिश किया करता था और मेरी छाती को घूर घूरकर देखता रहता तो कभी मेरे कूल्हों को पकड़कर छूने लगता और मुझे भी उसका यह सब करना बहुत अच्छा लगता था.

मैंने उससे कहा कि टीनू प्लीज थोड़ा और अंदर से दबा दे और अब वो बोला कि ठीक है दीदी तो वो कंबल के अंदर हाथ डालकर मेरे पैर दबाने लगा. मुझे धीरे धीरे थोड़ा आराम आने लगा और नींद भी और थोड़ी देर के बाद मुझे महसूस हुआ कि टीनू मेरे पैर दबा रहा है और जब मेरी आँख खुली तो मैंने उससे कहा कि पैर दबा. वो बोला कि ठीक है दीदी, लेकिन अब मुझे फिर से नींद नहीं आ रही थी, वो बार बार मेरी जांघ की तरफ आ रहा था और मेरी आंखे बंद थी.

फिर वो थोड़ी देर के बाद घुटनों के ऊपर से मेरी जांघे दबाने लगा, लेकिन मैंने उससे कुछ नहीं बोला, लेकिन मेरी पेंटी को उस बात का इंतजार हो रहा था. फिर मैंने कंट्रोल किया कि यह मेरा छोटा भाई है. फिर एकदम से उसने अपना हाथ मेरी पेंटी पर रख दिया और वो धीरे धीरे आगे बढ़ने लगा. तभी में एकदम झट से उठ गई और उससे बोली कि तू यह क्या कर रहा है टीनू?

वो मुझसे बोला कि दीदी सॉरी वो सब ग़लती से हो गया. में तो सिर्फ़ आपको सुलाने की कोशिश कर रहा था. फिर में बिल्कुल शांत, चुपचाप होकर लेट गई और अब वो फिर से मेरे पैर दबाने लगा, लेकिन थोड़ी ही देर के बाद फिर उसने मेरी पेंटी पर हाथ रख दिया, लेकिन इस बार मैंने उससे कुछ नहीं बोला. फिर मैंने सोचा कि शायद इस बार भी वो मुझे सुलाने के लिए यह सब कर रहा है. वैसे दोस्तों में सच सच बताऊँ तो मुझे उसके हाथ का स्पर्श अपने जिस्म पर बहुत अच्छा लग रहा था और मेरे अंदर एक अजीब अहसास आने लगा था.

फिर वो अपना हाथ धीरे धीरे मेरी पेंटी पर रगड़ने लगा और में ऐसा व्यहवार कर रही थी कि जैसे में अब गहरी नींद में सो रही हूँ. तभी अचानक से उसने अपना एक हाथ मेरी पेंटी के अंदर डाल दिया और अपना दूसरा हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया, जिसकी वजह से मेरी हालत बहुत खराब हो रही थी और अब में उसे रोकना चाहती थी, लेकिन पता नहीं क्यों रोक नहीं पा रही थी. वो मेरा छोटा भाई था और उसका स्पर्श मुझे बहुत मज़ा भी दे रहा था.

फिर में कुछ देर बाद थोड़ी हिम्मत करके एकदम से उठी और फिर उस पर ज़ोर से चिल्लाई कि टीनू क्या तुझे बिल्कुल भी शर्म नहीं आती, में तेरी बहन हूँ? लेकिन इसके चेहरे पर तो एक शरारती स्माईल थी और अब वो मुझसे कहने लगा कि दीदी तुम बहुत सुंदर हो. फिर मुझे बहुत गुस्सा आया और फिर वो मुझसे बोला कि दीदी तुम्हारा जिस्म बहुत सुंदर है और तुम्हारे बूब्स, चूत तो मुझे बहुत ही अच्छे लगते है. फिर मैंने गुस्से में उसे एक ज़ोर का थप्पड़ लगा दिया, लेकिन उसने अब मुझे कसकर पकड़ लिया. में उसके ऊपर चिल्लाई और अब वो मुझसे बोला कि चुप कर रंडी साली कुतिया बाहर के लोगो से मरवा सकती है तो फिर तुझे मेरे से क्या दिक्कत है?

फिर उसने भी मुझे एक थप्पड़ मारा और मुझे बेड पर पटक दिया और बोला कि आज तो तू मुझसे चुदेगी समीरा. फिर में ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और उससे बोली कि प्लीज टीनू में तेरी बहन हूँ, प्लीज मुझे छोड़ दे और फिर वो बोला कि हाँ तो में भी बहनचोद हूँ और अब वो मेरे ऊपर लेट गया और मुझे किस करने लगा. फिर मैंने उसे अपने ऊपर से हटाने की बहुत नाकाम कोशिश की, लेकिन उसमें बहुत दम था. वो मुझसे बोला कि साली रांड रोना बंद कर और मेरे साथ साथ अपनी चुदाई का पूरा पूरा मज़ा ले. फिर उसने अपना लंड पेंट से बाहर निकाला और मेरे सर के बालों को ज़ोर से पकड़कर मेरे मुहं में डाल दिया तो एकदम में कांप उठी और वो ज़ोर जोर से हंसने लगा.

फिर करीब दस मिनट में उसने मेरे मुहं में अपने लंड को आगे पीछे ज़ोर ज़ोर से धक्के देने के बाद अपना गरम गरम वीर्य डाल दिया और अब मुझे भी उसका ऐसा करना थोड़ा थोड़ा अच्छा लग रहा था. फिर उसने मुझे किस करना शुरू किया और अब मैंने भी उसका पूरा पूरा साथ दिया. अब वो मेरे बूब्स को पागलों की तरह चूसने और दबाने लगा.

फिर मैंने उससे कहा कि प्लीज आईईईइ थोड़ा आराम से टीनू उह्ह्ह्ह प्लीज में तेरी बहन हूँ थोड़ा प्यार से कर. वो बोला कि चुपकर कुतिया भोसड़ी की और मेरे बूब्स बिल्कुल लाल हो गए और मेरी सिसकियों की आवाज़ अब धीरे धीरे तेज होती जा रही थी. फिर में उससे बोली कि प्लीज मेरे आह्ह्हह्ह्ह्ह भाई आराम से यह तेरी ऊईईईईईई बहन मर जाएगी, प्यार से कर मेरी जान.

फिर वो बोला कि हाँ हरामजादी में आज तुझे मार ही डालूँगा और तभी में बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी, जब उसने मेरे बूब्स पर बहुत ज़ोर से काटा उफफफफफफफफफफ्फ़ टीनू मरररर गई आऐईईईई माँ बचाओ मुझे, प्लीज अब छोड़ दे मुझे, लेकिन उसने अब मुझे एक थप्पड़ मारा और बोला कि बिल्कुल चुप हो जा रंडी और अब वो मेरी चूत को चाटने लगा ऊऊईईइ माँ वाह दोस्तों मुझे ऐसा अहसास हुआ जैसे कि में आज जन्नत में थी, जब वो मेरी चूत को चाट रहा था और अपनी गरम गरम जीभ से मुझे चोद रहा था और में थोड़ी ही देर में झड़ गई.

तभी उसने बस एक मिनट लगाया और मेरी बैचेन चूत में एक ही बार में अपना पूरा का पूरा लंड अंदर घुसा दिया और अब ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, में बोल रही थी कि टीनू हरामी हाँ आज और ज़ोर से चोद अपनी उह्ह्ह्ह्ह्ह्ह बहन को साले और चोद हाँ और ज़ोर से धक्का अह्ह्ह्ह्ह दे देकर चोद मुझे आज. तभी उसकी चुदाई करने की स्पीड और भी तेज हो गई और हमने करीब आधे घंटे तक लगातार चुदाई की और फिर वो झड़ गया, लेकिन दोस्तों उसके बाद उस दिन हमने तीन बार और चुदाई की और उसके बाद मेरा सारा शरीर दर्द कर रहा था और मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरा रेप हुआ हो, लेकिन मुझे उस चुदाई मे बहुत मजा आया और उसने मेरी चूत को बहुत देर तक जमकर चोदा.

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