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मेरी गांड फाड़ दी

असल में मैं हरियाणा की रहने वाली हूँ। मेरी शादी एक बड़े घर में हुआ है शादी करवाने वाली मेरी सौतेली माँ है। उसने पांच लाख लेकर मेरी शादी करवाई है। तो आपको समझ आ गया होगा। या तो मैं अपने ससुराल से भाग जाऊं या जो हो रहा है उसी का फायदा उठाऊं और ज़िंदगी जिऊँ। दोस्तों इसी कसमकस में सोची की शायद मुझे यही सही रहेगा की मैं ससुराल में ही रहूं। अगर मैं भाग जाती हूँ तो यहाँ मुझे तीन चोद रहा है। पता नहीं कितने लोगों के बिस्तर को गर्म करना होगा हालात से लड़कर और जीने के लिए। और रही बात वापस हरियाणा जाने की जहाँ एक चुड़क्कड़ सौतेली माँ हो वो मुझे वह भी बेचेगी। तो बार बार और कई लोगों से बिकने से अच्छा है की एक घर में ही चुदवा लूँ।

अब मैं आपको अपनी पूरी कहानी बता रही हूँ।

शादी के बाद मैं अपने ससुराल आ गई। रात में पति ने मेरे साथ खूब रंगरेलियां मनाई मैं भी खूब गांड उठा उठा कर चुदवाई। रात में मेरी चूत का भोंसड़ा बना दिया। मेरी गांड फाड़ दी थी चुत मार कर। मैं भी तैस में आ गई और खूब कूदी उसके लंड पर और खूब मजे ली पूरी रात। पर जब वो ठंढा पड़ा और मैं कपडे पहन ली तब वो मुझे रूल समझाने लगा की मेरे घर का क्या रूल है। उसने एक बात बोला की तुम कभी भी मेरे पापा को और मेरे भाई को नाराज नहीं करोगी ? मैं भी तैस में आकर पूछ ली। नाराज क्या ? क्या वो मेरी चूत मांगेगे तो वो भी देनी पड़ेगी। तो मेरा पति बोला हां सब कुछ।

मेरी सास नहीं है। वो पहले ही चल बसी शायद तीन तीनो ने चोद चोद कर ऊपर पहुंचा दिया था। 50 साल की उम्र के बच्चा होने वाला था। शायद इन तीनो का ही काम होगा, मैं इसके बारे में कुछ पूछी नहीं। मुझे लगा जो भी कह रहा है मेरा पति मान लेते हैं। आगे देखा जाएगा क्या करने है। पहले तो सौतेली माँ से ही मेरा पाला छूटा यही कम नहीं थी। रही बात ससुर का वो देख लुंगी और रही बात देवर का तो मजे लुंगी।

सुबह मेरा पति अपने ड्यूटी पर चला गया क्यों की उसे जाना जरुरी था। देवर भी उठा और वो भी चला गया अपने काम कर रह गया घर में बूढा। मैं नहाने गई बाथरूम में। नहा कर जैसे बाहर आई और अपने कमरे में गई तो बूढा मेरी पलंग पर बैठा था। मैं पूछी की बाबूजी आप यहाँ? तो वो बोला क्यों नहीं बहुरानी ये घर ऐसा है कोई भी कही जा सकता है। एक चीज को हम लोग बाँट कर खाते हैं। एक की शादी हो गई अब आप एक की नहीं हो हम तीनो की हो।

मैं सनझ गई, रात को जो मेरा पति बोला था वही हुआ। ससुर मुझे चोदने के लिए तैयार था। मैं बोली अभी मुझे बहुत दर्द हो रहा है। रात भर उन्होंने मेरी चूत का भोंसड़ा बना दिया है। दर्द कर रहा है। तो उन्होंने बोला इसका मैं ख्याल रखूंगा। मैं अभी नहीं चोदता हूँ। मैं तुम्हारी चूत में तेल लगा देता हूँ ताकि दर्द ख़तम हो जाये। मैं मना की पर उन्होंने कहा नहीं नहीं मुझे ये दर्द पसंद नहीं। मैं आता हूँ तेल गरम करके।

तब तक मैं बाल झाड़ कर सिंदूर रही थी तभी ससुर जी। सरसों का गरम तेल ले आये और मुझे बोले लेट जा। मैं लेट गई। उन्होंने पेटीकोट ऊपर कर दिया। और पेंटी उतार दी। दोनों पैरों को फैला दिया और पहले चूत को सहला कर देखा और मुस्कराने लगे। बोले भगवान् में मेरी सुन ली। मैं भगवान् से माँगा रहा था की मुझे ऐसी बहू देना जिसके चूत में बाल नहीं हो। और ऐसा ही हुआ क्लीन है तुम्हरी चूत।

उसके बाद वो तेल लगाने लगे। करीब पांच मिनट तक तेल लगाए मेरी चूत गीली होने लगी। चूचियां भी तन गई थी। मुझे ऐसा लग रहा था इनसे चुद जाऊं। तभी उन्होंने कह दिया बहु हौले हौले घुसाऊ। मैं बोली ठीक है।

उन्होंने तुरंत धोती खोला और नीला अंडरवियर जो लाइन बाला होता है। खोल दिया और लैंड को हिलाने लगे और उसमे भी उन्होंने तेल लगा लिया और फिर से मेरी चूत में तेल लगा लिया और चूत पर लंड लगा कर घुसाने लगे। पर उनका लौड़ा घुस नहीं रहा था क्यों की दम नहीं था। खड़ा सही से नहीं हो रहा था। फिर उन्होंने हिलाया और फिर मेरी मुँह में दे दिया जब मैं थोड़े देर तक अपने मुँह में ली तो उनका लौड़ा मोटा और लंबा हो गया।

अब वो मेरी चूत में घुसा दिए और करीब दस मिनट तक चोदे और सारा माल मेरे पेट पर गिरा दिए। मैं प्यासी ही थी अभी दर्द तो ख़तम हो गया था। अब दर्द नहीं हो रहा था। बाबूजी खेत चले गए। मैं सो गई क्यों की रात में चुदवा रही थी।

करीब तीन बजे नींद खुली वो भी जब घर का दरवाजा कोई पीट रहा था। जाकर खोली तो देखि देवर जी थे।

वो अंदर आते ही दरवाजा बंद कर दिए। और मुझे अपनी बाहों में ले लिए। मैं भी खुश खुश उनके बाहों में समा गई। क्यों की देवर जी को मैं पसंद करती थी वो मेरे लायक थे। वो मेरे होठ को चूसने लगे चूचियां दबाने लगे। मैं भी उनको किस करने लगी सहलाने लगी।

वो मुझे बैडरूम में लेकर आये और मेरी ब्लाउज खोल दिए मैं खुद ही ब्रा खोल दी पेटीकोट भी उतार दी। ये सब देखकर बोले मुझे बहुत ख़ुशी हुई आप मेरे घर के कायदे कानून को बिना झिझक के अपना लिए हैं। आप रानी बनकर रहेंगे इस घर में।

और वो मेरे ऊपर टूट पड़े मेरी चूचियां पिने लगे। दबाने लगे। होठ चूसने लगे। और फिर उन्होंने मेरी गांड चाटी और फिर चूत चाटने लगे। मैं बोली बस करो ऐसे चाटना अभी मुझे चोद दो। क्यों की ससुर जी मुझे गरम कर के चले गए। वो बोले अच्छा बाबूजी मजा ले लिए तो मैं बोली हां वो मुझे चोद दिए। तो देवर जी बोले और मैं ही पीछे रह गया।

और उन्होंने में टांग को अलग अलग किया और मोटा लौड़ा मेरी चूत पर लगा कर पेल दिया। अब मुझे दर्द होने लगा था क्यों की देवर का लौड़ा काफी मोटा और लंबा था। वो चोदना शुरू किये तो मैं पानी पानी हो गई। खूब चोदा उठा पर पटक कर ऊपर से निचे से बैठ कर खड़े होकर। करीब एक घंटे तक उन्होंने चोदा मुझे आखिर उनका भी गिर गया।

उन्होंने अपने जेब से एक सोने का चेन निकाला और मुझे दे दिया और बोले ये मेरे तरफ से।

दोस्तों पहले तो सात दिन तक मुझे काफी दर्द हुआ था। क्यों की मेरी चूत नाजुक थी। पर अब मैं तैयार हो गई है तीन मर्द से चुदने को तो अब कोई बात नहीं है। खूब चुद रही हूँ मजे ले रही हूँ। मैं अपनी दूसरी कहानी भी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिखने जा रही हूँ। आप जरूर पढियेगा।

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मेरी चूत चाटने लगा

ये चुदाई की कहानियाँ तब की है जब में ग्रॅजुयेशन पास करके नौकरी ढूँढ रही थी.. मेरा फिगर 33-32-34 है और में दिखने में बहुत सुंदर और सेक्सी लगती हूँ और मेरे बूब्स बहुत सेक्सी और बड़े बड़े है। वैसे मेरे दोस्त कहते है कि में एक आईटम हूँ। अब में आपको स्टोरी सुनाती हूँ जो मेरे साथ घटी एक घटना है। दोस्तों मैंने अपनी पूरी पढ़ाई एक अच्छे कॉलेज से पास की और घर में पैसों की प्रॉब्लम्स की वजह से में आगे की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई और मैंने एक अच्छी नौकरी ढूँढनी शुरू कर दी। फिर उन दिनों मेरा कज़िन अजीत हमारे घर आया। वो मुझसे उम्र में 2 साल बड़े है और उन्होंने अपना MBA पूरा किया है और उन्हें नयी नयी एक अच्छी सी नौकरी मिली थी और वो दिल्ली जा रहे थे। तभी मेरे घरवालों ने कहा कि वो मुझे भी अपने साथ ले जाए ताकि में एक बड़े शहर में अपने लिए एक अच्छी नौकरी ढूँढ सकूँ।

फिर में भी उनके साथ दिल्ली आ गयी और मैंने नौकरी ढूंढनी शुरू कर दी.. लेकिन बहुत कोशिश करने के बाद भी मुझे नौकरी नहीं मिली.. क्योंकि मेरी पड़ाई ज़्यादा अच्छी नहीं थी। फिर एक दिन में अपने भैया के घर पर बैठ कर सोच रही थी कि अब मुझे अपने घर चले जाना चाहिए उसी वक़्त डोर बेल बजी और मैंने दरवाज़ा खोला तो देखा कि भैया आए थे और साथ में उनका बॉस भी था.. उनकी उम्र कोई 35-40 साल के बीच की होगी और दिखने में ठीक था। भैया ने अंदर आते ही बोला कि ये मेरी छोटी बहन है और ये एक नौकरी ढूँढ रही है.. उनका बॉस मुझे घूर घूर कर देख रहा था। उसकी नज़र मेरे बूब्स पर ही अटकी थी। तभी मैंने देखा कि वो बार बार मुझे देखकर अपनी पेंट पर हाथ लगा रहा था और भैया अंदर अपने कंप्यूटर से कुछ प्रिंट आउट्स ले रहे थे। उन्होंने अंदर से ही आवाज़ दी और कहा कि हमारे लिए दो कप चाय बना दो। तभी में चाय बनाने किचन में चली गयी तभी उनका बॉस मेरे पीछे किचन में आ गया और उसने मेरी गांड को हल्के से छू दिया मैंने पीछे मुड़कर उसे घूर दिया वो घबरा कर बोले कि मुझे एक ग्लास पानी चाहिए.. मैंने उसे पानी दे दिया। फिर वो बाहर चला गया में अंदर किचन में ये सोच रही थी कि शायद ये मुझे कोई नौकरी दे दे और अगर ऐसा है तो उनको खुश करने में मेरा क्या जाता है? फिर मैंने चाय बनाकर बाहर जाने से पहले अपने टॉप के दो बटन खोल दिया ताकि जब में चाय देने के लिए नीचे झुकूं तो उसे मेरे बूब्स आसानी से साफ साफ नज़र आए और मैंने वैसा ही किया। जब मैंने चाय दी तो उसे मेरे बूब्स दिखे और में हल्का सा मुस्कुरा दी..

जिससे उसे ग्रीन सिग्नल मिल गया उसने बैठकर चाय पी। फिर मेरे भैया भी अपना काम खत्म करके आ गये। फिर वो दोनों बाहर निकल गये लेकिन जाते जाते मैंने फिर से उन्हे एक हल्की सी स्माईल दे दी। फिर दूसरे दिन सुबह सुबह भैया के ऑफीस जाने के एक घंटे के बाद भैया का फोन आया कि उन्हें कुछ काम से बाहर जाना होगा और आज मुझे इंटरव्यू के लिए अकेले ही जाना होगा और वो ऑफीस से गाड़ी भेज देंगे। तभी मैंने कहा कि आप कब तक वापस आओगे? तो उन्होंने कहा कि अगर काम जल्दी ही खत्म हो गया तो आज ही आ जाऊंगा। फिर मैंने इंटरव्यू के लिए एक सुंदर सी साड़ी निकाली और नहाकर पहन ली। इतने में डोर बेल बजी तभी मुझे लगा कि ड्राइवर होगा इसलिए मैंने दरवाज़ा खोला और मैंने देखा कि सामने भैया के बॉस खड़े है और उनके हाथ में एक पॅकेट था.. जिसमे शायद खाने की कोई चीज़ होगी। तभी मैंने उनसे पूछा कि आप यहाँ कैसे? भैया तो आज बाहर गये हुए है।

बॉस : में इसलिए ही तो आया हूँ।
में : क्या मतलब में समझी नहीं?
बॉस : तुम अकेले इंटरव्यू देने जाओगी इसलिए मैंने सोचा कि में तुम्हे छोड़ दूँ और फिर मुझे कल से ही बहुत भूख लगी है इसलिए खाने को कुछ चीज़े ले ली आओ हम साथ में खाते है फिर इंटरव्यू देने चलेंगे। वैसे तुम्हे कैसा नौकरी चाहिए?
में : कोई भी अभी मुझे नौकरी की बहुत ज़रूरत है।
बॉस : अगर तुम चाहो तो में तुम्हे नौकरी दे सकता हूँ लेकिन पहले तुम्हे मुझे इंटरव्यू देना होगा।
में : कौन सी नौकरी है?
बॉस : में बहुत दिनों से एक पर्सनल सेक्रेटरी ढूँढ रहा हूँ और तुम तो बहुत होशियार, समझदार और सुंदर भी हो काश कि मेरी बीवी तुम्हारी तरह सुंदर होती।
में : (मुस्कुराते हुए) क्या मुझे नौकरी मिल सकती है?
बॉस : लेकिन तुम्हे पहले इंटरव्यू पास करना होगा.. क्या तुम तैयार हो?
में : हाँ में तैयार हूँ लेकिन सेलेरी क्या होगी?
बॉस : अगर तुम पास हो गयी तो बहुत अच्छी सेलेरी मिलेगी।
में : हाँ में तैयार हूँ। बॉस : तो तुम यहाँ पर आकर सोफे पर बैठो। फिर वो मेरे पास में आकर बैठ गये और मेरे कंधे पर हाथ रखकर बोले कि तुम अपने बारे में कुछ बताओ। फिर में अपने बारे में बताने लगी तो वो बोले कि ये सब नहीं में जो पूछ रहा हूँ वो बताओ।

मैंने उनसे पूछा क्या? बॉस : तुम ये बताओ कि तुम्हारा साईज़ क्या है? तभी में हैरान हो गयी.. लेकिन तब तक में समझ गयी थी कि वो मुझसे क्या चाहता है? में भी सोचने लगी कि अगर इन सब के बदले वो मुझे एक अच्छी सी सेलेरी वाली नौकरी दे दे तो मुझे क्या प्रॉब्लम है? और मैंने शरमाते हुए कह दिया कि 32. बॉस : वाउ अगला सवाल क्या तुम इस नौकरी के लिए कुछ भी कर सकती हो? में : हाँ सर में सब कुछ कर सकती हूँ। बॉस : तो फिर तुम जाओ और दरवाजा बंद कर दो। तभी मैंने उठकर दरवाज़ा बंद कर दिया और अंदर आ कर उसके सामने बैठ गयी। वो मेरे पास आ गया और पीछे से उसने मेरी पीठ पर एक किस कर दिया मैंने कहा कि ये क्या कर रहे हो? बॉस : वही कर रहा हूँ जो एक आदमी और एक औरत के बीच होता है और ये मत कहना की तुम ऐसा कुछ करना नहीं चाहती हो.. तुझे भी तो खुजली हो रही है। में : ये ग़लत है हम ऐसा नहीं कर सकते। बॉस : सही और ग़लत का फ़ैसला हम क्यों करे.. अभी तो वो करो जो हमे आज करना चाहिए।

में : लेकिन सर कोई आ गया तो? और कहीं भैया को पता चल गया तो? बॉस : अरे तेरा भैया मेरा एक नौकर है ज़्यादा बोलेगा तो प्रमोशन देकर चुप करवा दूँगा। साला खुद लेकर आएगा तुझे चुदवाने के लिए। तू तो बस अब मेरी प्यास बुझा दे मेरी जान। साली में तो पहले दिन से ही तड़प रहा हूँ तुझे चोदने के लिए.. चल आज मेरी रांड बन जा। में : लेकिन सर ये सब कुछ बिल्कुल ग़लत है। फिर ये सब कहते कहते उसने मेरे होंठो पर अपने होंट रख दिया और वो पागलो की तरह मुझे चूमने लगा और पागलो की तरह मेरे कपड़े खुलवाने लगा। में और भी उसका साथ देने लगी। फिर मैंने धीरे से पूछा कि सर मेरी सेलेरी कितनी होगी? वो हंस कर बोला अगर आज में खुश हो गया तो 20-25 हजार रूपय तो दे ही दूँगा। लेकिन फिर तुझे हमेशा मेरी रांड बनकर रहना होगा.. बोलो मंजूर है? में : हाँ सर मुझे मंजूर है। बॉस : अब और मत तड़पा.. आ जाओ मेरी प्यास भुझा दो मेरी रानी और उन्होंने मुझे गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया। वो मेरे पूरे शरीर को चूम रहे थे और में उनका साथ पूरा पूरा दे रही थी.. धीरे धीरे उन्होंने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और मुझे पूरा नंगा कर दिया। में बिल्कुल नंगी उनके नीचे लेटी हुई थी और मैंने अपने दोनों हाथो से अपने बूब्स छुपा लिए। फिर उन्होंने मेरे दोनों हाथ हटाकर मेरे बूब्स जोर ज़ोर से चूसने लगे।

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर उसने मेरी चूत पर अपना हाथ रखा और उसे मसलने लगा और थोड़ी देर बाद उन्होंने अपना अंडरवियर उतार कर मुझे अपना लंड दिखाया जो पहले से ही खड़ा था तभी मेरे तो होश ही उड़ गये। फिर उन्होंने अपना लंड मेरे मुहं में डाल दिया और खुद मेरी चूत चाटने लगा। में आह्ह्ह आह्ह्ह ओह्ह्ह की आवाजे निकाल रही थी। मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि में बता नहीं सकती। तभी थोड़ी देर बाद में झड़ गयी और उन्होंने पूरा रस पी लिया। तभी उन्होंने कहा कि मेरी जान अभी तो तेरी चुदाई बाकी है चल तैयार हो जा अपनी चुदाई के लिए साली रांड आज तुझे मज़ा चखाता हूँ। आज तेरी सारी गर्मी निकालता हूँ और हाँ तुझे कभी कभी हमारे ग्राहकों के साथ भी सोना पड़ेगा। उनको भी अपनी चूत का रस पिलाना होगा.. साली तेरे बूब्स तो बड़े मस्त है। तू तो असली माल है कहाँ छुपकर बैठी थी और फिर वो मेरे ऊपर चड़ गये और मेरी चूत पर अपना लंड रख दिया और एक झटके से अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। तभी में ज़ोर से चिल्लाई और उन्होंने मेरा मुहं बंद कर दिया और थोड़ी देर बाद मुझे भी मज़ा आने लगा। में ज़ोर और ज़ोर और ज़ोर चिल्लाने लगी.. बॉस ने कहा कि साली तू तो बहुत बड़ी वाली रांड

फिर उन्होंने स्पीड बढ़ाकर मेरी चुदाई शुरू की और उधर मेरी चूत चुदाई में व्यस्त थी.. लेकिन मुझे बहुत दर्द भी हो रहा था और वो बस चुदाई पर ध्यान दे रहे थे। उनकी स्पीड कम होने का नाम नहीं ले रही थी और वो आज मेरी चूत को फाड़ देना चाहते थे। फिर करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद हम लोग एक साथ झड़ गये। फिर उन्होंने मुझे कई बार चोदा और मेरी चूत को पूरा फाड़कर भोसड़ा बना दिया और फिर अपने एक फ्रेंड की कंपनी में नौकरी दिलाई और वहाँ पर उस फ्रेंड ने भी मेरा पूरा मज़ा लिया और वो दोनों मिलकर बारी बारी से मेरी चुदाई करते रहे और फिर ऐसे ही मेरी चुदाई के साथ साथ मेरी नौकरी भी चलती रही ।

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बिना कंडोम की चुदाई

मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से शहर में रहता हु, मैं आपको शहर का नाम नहीं बताऊंगा क्यों की मैं अपनी पहचान जाहिर नहीं करना चाहता, मेरे घर में मैं मेरी बहन सरिता दीदी मेरे पापा और मेरी माँ है. पापा को ढाबा है जीटी रोड पर वो अक्सर ढाबा में ही रहते है और वही सोते है. ये जो चुदाई की शुरुआत है वो तब की है जब मेरी माँ नानी घर गयी थी क्यों की नानी की तबियत ख़राब थी, हम घर में दोनों भाई बहन थे, मैं २१ साल का हु और मेरी बहन २६ साल की है. उसके लिए काफी लड़का ढूढ़ रहे है पर अभी तक कोई काबिल नहीं मिला है.जब से उसके लिए लड़का ढूंढने का काम शुरू हुआ था तब से वो ना जाने किस ख्वाब में रहने लगी, देर रात तक जागती, कभी कभी उसका पलंग से आवाज आने लगता, मैंने धीरे धीरे नोटिस करना चालू किया की वो आखिर रात में करती क्या है की जोर जोर से पलंग हिलता और आवाज आती. मुझे ऐसा लगने लगा की वो शायद अपने चूत में कुछ डालती है और थोड़े देर में शांत होती है और फिर सो जाती है.ये सारे कारनामा हम रोज रोज देखते थे, क्यों की हम दोनों एक ही कमरे में सोते थे, पर अलग अलग पलंग पर सोते थे, कुछ दिन बाद मैंने नोटिस किया की वो रात में अपनी पेंटी और ब्रा खोल कर सोने लगी. क्यों की उसकी चूचियां साफ़ साफ़ नजर आती थी उसकी नाईटी से, बड़ी बड़ी सॉलिड सॉलिड, दोस्तों मेरा भी मन ख़राब होने लगा, अपनी बहन की इस हरकत से, है भी बहूत ही हॉट, सरिता दीदी की साइज ३६-२४- ३६ है, दोस्तों किसी का भी दिमाग ख़राब हो जाये उसके चूतड़ को पीछे से देखकर और आगे से उनकी चूचियों को देखकर, बड़े बड़े लंबे लंबे बाल गुलाबी होठ, लंबी और गोरी जबरदस्त दिखती है. जब वो काजल और होठ को गुलाबी रंग से रंगती है तब तो वो सेक्स की देबि लगती है.

दोस्तों ऐसे ही दिन बीतने लगा. मैं भी रात में मजे लेने लगी. अब मैं भी अपनी आँख अपनी बहन को देखकर सेकने लगा. उस दिन की बात है जब माँ नानी के यहाँ गई थी. रात के करीब ११ बजे थे गर्मी का दिन था. वो हल्का सा बेडशीट ओढे थी. मैं सोने का नाटक करने लगा. तभी फिर से उसका पलंग हिलने लगा. फिर करीब दस मिनट में ही शांत हो गई. मैं समझ गया की मेरी दीदी आज भी अपने चूत में शायद बैगन पेल रही है. तभी वो उठी, उसकी चुचिया साफ़ साफ़ टाइट दिख रही थी. निप्पल भी साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था. जब वो उठी और बाथरूम के तरफ जाने लगी. उसकी चूतड़ हिलोरे मारते हुए चलने लगी. गजब की लग रही थी बाल निचे तक थे खुला हुआ, मैं तो मर गया दोस्तों, मेरा लंड खड़ा हो गया, ऐसा लग रहा था की मैं चोद दू,तभी वो वापस आने लगी. मैं चुपचापहो गया, शांत हो गया पर मेरा लंड शांत नहीं था, वो तम्बू बना कर खड़ा था. सरिता दीदी जैसे ही आई बोली आलोक तुम जाग रहे हो. मैं कुछ भी नहीं बोला, वो फिर से बोली तू जाग रहे हो. मैं फिर भी चुप था. उसने फिर से कहा मैं सब समझ रही हु, तुम क्या देख रहे थे, तुम्हे शर्म नहीं आई एक जवान बहन को रात में ऐसे घूरते हुए. मैंने जाग गया, मैं डर गया था की पता नहीं वो माँ से तो नहीं कह देगी, तभी वो मेरे पलंग पर बैठ गई और मेरा लौड़ा पकड़ ली. मेरा लौड़ा काफी मोटा और तना हुआ था. वो भी ये है सबूत मुझे घूरने का, मैंने कहा सॉरी दीदी, गलती हो गई अब ऐसा नहीं होगा.ये चुदाई की कहानियाँ,रियल सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।वो मेरे ऊपर चढ़ गई. और मेरा पेंटी निचे कर दिया. और मेरे लंड को पकड़ कर बोली, इसका कीमत तुम्हे चुकानी पड़ेगी. मैंने कहा कैसी कीमत, उसने अपने सारे कपडे उतार दिए, दोस्तों पहले तो मेरा लंड थोड़ा डर से छोटा भी हो गया था पर, जैसे उसने कपडे उतारी, मेरा लंड तो और भी मोटा और लंबा हो गया, मैंने कहा ये क्या कर रही हो दीदी मैंने तुम्हारा भाई हु, तो वो बोली जब भाई बहन की चूचियां और गांड को घूर रहा हो तब वो भाई नहीं बचता है. वो बॉय फ्रेंड हो जाता है. मैंने कहा पर मैं ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा, तो वो बोली नहीं कर देख मैं क्या करती हु, मैं माँ और पापा को बोलूंगी की जब मैं सो रही थी तब तुम मेरे प्राइवेट पार्ट को सहला रहा था. दोस्तों मैं डर गया, बहूत ही ज्यादा डर गया.

उसने कहा जैसा मैं कहती हु, वैसा कर मैं कुछ भी नही बोलूंगी और मेरी दीदी मेरे लंड को अपने मुह में लेके चूसने लगी. धीरे थोड़े देर बाद वो ऊपर आ गई और मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे होठ को चूसने लगी. दोस्तों मैं बहूत ही ज्यादा कामुक हो गया था. और जब दीदी ने अपनी चूचियां मेरे मुह में दी. और बोली ले चूस, मैं अपने बहन की चूचियों को चूसने लगा, मेरे तन बदन में आग लग गई. और मैंने जोर जोर से अपनी बहन की चुचिओं को पिने लगा और दबाने लगा. थोड़े देर बाद वो मेरे मुह के पास बैठ गई उसके चूत मेरे मुह के पास था. उसने कहा मेरे चूत की पानी को अपने जीभ से साफ़ कर और पि जा.दोस्तों मैंने अपने बहन की चूत को चाटने लगा. वो अपने चूत से नमकीन पानी निकाल रही थी और मैं तुरंत ही चट कर जा रहा था. वो आह आह आह आह आह कर रही थी. और मैं दोनों हाथो से चूचियों को मसल रहा था और जीभ से चूत को चाट रहा था. उसके थोड़े देर बाद वो निचे हो गई और मेरा लंड जो की अब करीब नौ इंच का हो गया था मेरा लंड पकड़ कर अपने चूत पे रख कर बैठ गई. दोस्तों मेरा लंड पूरा उसके चूत के अंदर समा गया. अब वो जोर जोर से बैठने लगी और उठने लगी. लंड अंदर बाहर जा रहा था और मेरी बहन के मुह से सिर्फ आह आह आह आह आह निकल रहा था। वो खूब जोर जोर से चुदवाने लगी. फिर वो निचे हो गई और मैं ऊपर हो गया और फिर मैंने उसके दोनों पेअर को अपने कंधे पर रख कर, जोर जोर से उसके चूत में अपने लंड को डालने लगा. इस तरह से वो मुझे रात भर मेरे से अलग अलग पोजीशन में चुदवाने लगी. उसके फिर मेरे साथ ही नंगे ही सो गई.दोस्तों दूसरे दिन मेरी दीदी मुझे २०० रूपये दी और बोली कंडोम ले आना, मैंने कंडोम शाम को बाजार से कंडोम भी लेके आ गया. रात में फिर से वो मुझेसे चुदवाने के लिए अपने सारे कपडे उतार दी. और मेरा भी कपडे उतार दी. और फिर से चुदवाने लगी, जब हम दोनों झड़ गए तो मैंने कहा दीदी ये सब गलत हो रहा था. उसने कहा क्या गलत हो रहा है. जब तक मेरी शादी नहीं हो जाती तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहो, नहीं तो मैं मम्मी को क्या क्या बताउंगी तुम्हे समझ भी नहीं आएगा और बे मतलब में बदनाम हो जायेगा.दोस्तों उसके बाद वो मझसे बिना कंडोम के ही चुदवाने लगी. कहती है की कंडोम में मजा नहीं आता है. दोस्तों अब मैं क्या बताऊँ आपको मुझे डर है की कही वो प्रेग्नेंट ना हो जाये, अब मैं रोज रोज अपने बहन को चोदता हु और वो मुझसे खूब मजे लेती है अलग अलग पोजीशन में.

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