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वो मेरी चूत को चाटने लगा

मैं नीतू गुप्ता एक खूबसूरत औरत हु, औरत तो इसलिए कह रही हु क्यों की मैं शादी शुदा हु, पर मुझे आजतक सेक्स में कभी भी संतुष्टि नहीं हो पाई, जब कोई पुरुष को अपने पत्नी से संतुष्टि नहीं मिल पाती है तो वो कही और जाके चोद के आ जाता है, जितना जेब में पैसा होता है उसके अनुसार उसको वैसा माल मिल जाता है पर एक औरत को अगर उसके पति से चुदाई में संतुष्टि नहीं मिलती है तो क्या करे, उसको तो इज्जत का भी परवाह है,और समाज का भी डर इस वजह से वो या तो किसी सगे संबंघी या तो कोई आसपास का इंसान, उसी के साथ सेक्स सम्बन्ध बनाती है. मैं भी वही किया. मैं 28 साल की हु मेरे शादी हुए तीन साल हो गए है,

मेरा पति बहुत बड़ा बुजीनेस्स में है, काफी बड़ा कारोबार है दिल्ली में, वो अक्सर इंडिया से बाहर ही रहता है इस सिलसिले में, मेरे सास और ससुर दोनों बंगलुरु में रहते है अपने छोटे बेटे के पास. मैं अपने पति के व्यापर में ही हाथ बटाती हु, और पति जब बाहर होता है तब ऑफिस और फैक्ट्री का देखरेख करती हु, मेरा पति आज तक मुझे संतुष्ट नहीं किया है एक तो उसका लंड सिर्फ २ इंच का है और पांच मिनट में ही स्खलित हो जाता है मैं हमेशा प्यासी की प्यासी ही रह जाती हु, बात पिछले संडे की है, मेरा पति दस दिन के लिए बाहर गया और ऑफिस में तीन दिन की छुट्टी हो गई।पति का फ़ोन आया की तुम दो दिन के लिए गोवा चले जाओ क्यों की गोवा में एक फैक्ट्री का काम सुरु करना है इसवजह से गोवा सरकार से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना है, मैं तैयार हो गई मैं अपने साथ मेरा अपना ड्राइवर करण को ले गयी. करण को ले जाने का कारण ये था की मेरे पति करण पे बहुत बिस्वास करते है, और वो काफी ईमानदार है, उस टाइम तक मेरे मन में कोई भी ख्याल नहीं आया था की मैं इसे यूज करुँगी. गोवा पहुंच गई, होटल में दो कमरे लिए एक तो अपने लिए और एक ड्राइवर करण के लिए, शाम को गोवा के बीच का सैर करके आई और डिनर की, और फिर मैं बार में व्हिस्की पिने चली गई,करण भी साथ था, वो बस मेरी आवभगत में लगा हुआ था यस माम यास माम, मैंने करण को भी ऑफर की वो भी ले ले, पर वो मेरी इज्जत कर रहा था कह रहा था नहीं मैडम मैं नहीं लूंगा. पर मैंने उससे कहा कोई बात नहीं ले लो, बाहर है चलता है, मैं जानती हु तुम मेरा इज्जत बहुत करता है पर मैं कह रही हु. उसके बाद करण भी पिने लगा, साला वो तो एक के बाद एक पूरा पि लिया, मैं भी काफी पि ली थी, मैं तो म्यूजिक पे थिरकने लगी, करण वही खड़ा खड़ा देख रहा था, करण भी काफी सुन्दर और जवान लड़का करीब २५ साल का था, देखने में काफी स्मार्ट था,

ड्राइवर तो था पर बहुत ही स्मार्ट था इसी वजह से मेरे पति भी उसको बाहर ले जाते थे, मैंने करण को बुलाई की मेरे साथ डांस करने के लिए,वो काफी पिया हुआ था वो वही से मंद मंद मुस्कुरा रहा था, मैं पास आ गई और उसका हाथ पकड़ के ले आई, हम दोनों डीजे पे थिरकने लगे, वो मेरी कमरे पे हाथ रखा था और मैं भी उसके बाहों में बाह डाल के डांस कर रही थी.उसके बाद तो वो खुल गया वो मुझे अपने में समेट के अपनी ले में आ गया, मेरी चुचिया उसके सीने से चिपक रही थी, उसके बाद मैंने उसके होठ पे एक किश कर ली, और दोनों वह से निकल पड़े, और अपने कमरे में आये करण बोला गुड नाईट मैडम, पर मैंने उसके कॉलर को पकड़ के उसको अंदर कर लिया अपने कमरे में और बोली गुड नाईट कैसे होगा जो तुमने मेरे जिस्म में आग लगा दिया उसको कौन बुझाएगा।वो अंदर आके कहने लगा नहीं मैडम साहब को पता चल जायेगा तो मुझे नौकरी से निकाल देंगे और मैं ये नहीं चाहता, मुझे अपनी बहन की शादी करनी है, ऐसे में अपनी नौकरी खोना नहीं चाहता, पिछली बार भी मुझे इसी वजह से नौकरी से निकाल दिया गया क्यों की साहब की बेटी मुझसे चुदवाती थी.मैंने कहा अगर तुमने मना किया तो मैं तुम्हे नौकरी से निकाल दूंगी, फिर क्या था वो चुपचाप हो गया, मैंने उसके शर्ट को निकाल दिया, और और बेड पे धक्का देके गिरा दी, मैंने फिर अपने एक एक कपडे उतार दिए, और मैं ड्राइवर के ऊपर बैठ गई, चुदवाई का लंड पूरा खड़ा हो चूका था और मेरी गांड के दरार में सेट हो गया था, मैंने उसके होठ को चूमने लगी, चुदवाई मेरी चूचियों को दबाने लगा, मेरी चूत से पानी निकलने लगा, करण काफी वाइल्ड हो गया था, वो मुझे निचे धक्का दे दिया और मेरी चूत को चाटने लगा, मैंने भी उसके बाल को सहलाने लगी, ड्राइवर मेरी चूचियों को दोनों हाथो से दबा रहा था, और चूत का पानी चाट रहा था. मैंने तो बस आआह आआआह आआअह आआअह करण आआअह क्या चूस रहे हो मुझे ऐसे ही चूसते रहो, तुम्हारा साहब तो आज तक मेरी चूत को मुह नहीं लगाया, वो तो मुझे ले भी नहीं सकता है सही तरीके से मैं तो सेक्स की भूखी हु, मेरी भूख तुम शांत कर दो, आआह करण करण का नाक और गाल में मेरे चूत का पानी लग गया था, पूरा मुझ चिपचिपा हो गया था, मैंने चुदवाई को खीच के ऊपर ले आई और पैर फैला दी, मैंने कहा करण अब बर्दास्त नहीं हो रहा है, मुझे चोद दो। अपना मोटा काला सा लंड करीब ९ इंच का होगा मेरी चूत के ऊपर रख के अंदर डाल दिया, मेरा चूत काफी चिकनी हो चुकी थी पानी निकल रहा था पूरा गरम हो गया था, उसके बाद तो क्या बताऊँ यार जबरदस्त तरीके से वो मुझे चोदने लगा. फिर तो वो चोदते चोदते भद्दी भद्दी गालियां भी दे रहा था, कह रहा था चुद साली आज मैं तेरी चूत और गांड दोनों फाड़ दूंगा, मैं भी कह रही थी आज मैं अपनी चूत और गांड फड़वाने के लिए तैयार हु मेरे राजा आज तू मुझे शांत कर दे. औरऔर फिर करीब १ घंटे तक अलग अलग तरीके से मुझे चोदा और दोनों एक साथ खल्लाश हो गए, फिर थोड़े देर बाद फिर से वो मेरा गांड मारने लगा, और इस तरह से हरेक एक घंटे के अंतराल में वो मुझे कभी चोद रहा था कभी गांड मार रहा था, मैं खूब चुदी वो दोनों दिन गोवा में, मजा आ गया था ज़िंदगी का, अब तो मैं करण को कभी कभी घर पे भी रोक लेती हु, और रात रात चुदवाती हु, क्या करूँ मुझे तो अपनी भूख शांत करनी ही थी चाहे पति करे या तो कोई और, क्या करती पति चोद नहीं सकता इस वजह से मैंने ये कदम उठाया

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मैं झड़ गयी

मैं भारी पूरी जवान हो चुकी थी. सभी लोग ड्रिंक्स ले रहे थे, मैने भी एक बियर लिट ही हालाँकि मुझे पीना पसंद नही है पर सबका साथ देना था. वैसे भी मुझे बोहोट जल्दी चढ़ जाती है. मेरी बुआ की ननंद का बेटा जो की मुझसे करीब 10 साल बड़ा है, भी वहाँ था. वो मर्चेंट नेवी मे काम करते है. उनकी हाइट 5.10” थी और बोहोट गातीला बदन था. उन्होने मुझे करीब 6 साल बाद देखा था, मैने एक नूडल स्ट्रॅप टॉप पहना था स्कर्ट के साथ जो की मेरे बूब्स को पूरी तरह दिखा रहा था. वो काफ़ी देर से मुझे चोर नज़रो से देख रहे थे,मैने धीर्रे से पूछा क्या देख रहे हो भैया पहचाना नही क्या? वो चौक गये, बोले शारी तू कितनी बड़ी हो गयी है पहचान ही नही आती. हमारी बातो का सिलसिला निकल चला था. शोर के कारण हम एक दूसरे के बोहोट कर्रेब हो कर बात कर रहे थे. अपनी लंबाई का फयडा उठा कर वो मेरे बूब्स को बड़ी आराम से देख पा रहे थे. हम दोनो एक दूसरे की तरफ होकर बैठे थे और हमारे चेहरे बोहोट करीब थे , इतने करीब की मैं उनकी साँसे महसूस कर सकती थी. वो बातो बातो मे मुजसे बिल्कुल सात कर बैठ गये और अपना एक हाथ मे कंधे पर रख लिया.

वो मुझे धीरे धीरे अपनी तरफ खीच रहे थे. तेज़ बजता म्यूज़िक, धीमी रोशनी और कुछ शराब का असर, हम सब कुछ भूलते जा रहे थे. मेरे हाथ उनकी थाइस पे थे और उनका हाथ मेरे कंधे से होकर अब मेरे बूब्स के करीब था. मैने अपना सर उनके कंधे पर यू रखा की हमारे हूँठ एक दूसरे के बिल्कुल करीब हो गये. मुझपर बियर से ज़्यादा भैया का नशा छा रहा था. उन्होने मेरे माथे पे एक किस करते हुए मेरे बूब्स हल्के से दबा दिए.मैने चिहुनकते हुए कहा भैया यहाँ कोई देख लेगा. ये सुनकर वो मुस्कुरा दिए और कहा की यहाँ नही तो और कहाँ? मैने सरक कर खुद को उनसे लिप्ताते हुए उनके कानो मे कहा आप बस जल्दी से यहाँ से निकालने का प्लान बनाओ. वो कहने लगे बोहोट बदमाश हो गयी है तू शारी, और मेरे गालो पे किस कर दिया. मैं मस्ती मे इतरते हुए उन्हे डॅन्स फ्लोर पे ले गयी, स्लो म्यूज़िक तो नई था पर हम क्लोज़ डॅन्स कर रहे थे. वो मेरी पीठ से लग के खड़े थे और उनके हाथ मेरे शरीर पर रेंग रहे थे. मैने उनसे चिपकते हुए अपनी गंद उनके खड़े लंड पे टीका दी.ऐसा लग रहा था की उनका लंड पंत फाड़ के बाहर आ जाएगा. उन्होने मेरी कमर मे हाथ डालकर कासके पकड़ लिया और अपना लंड मेरी गंद पे रगड़ने लगे. धीरे धीरे उनका एक हाथ मेरे बूब्स मसालने लगा. मैं इतनी गर्म हो चुकी थी वहीं सबके सामने उनका लंड अपनी छूट मे पिलवा लेती. मैने अपनी गंद ज़ोरो से उनके लंड पे रगड़नी शुरू कर दी और धीरे से एक हाथ उनके लंड पे फेरने लगी, उन्होने कस के मेरे बूब्स मसालने शुरू कर दिए. मैं समझ गयी की वो भी छोड़ने को मचल रहे हैं. उनका एक हाथ मेरे बूब्स और दूसरा मेरे पंत के उपर से छूट से खेल रहा था. अंधेरे के कारण कोई ह्यूम देख नही पा रहा था. उन्होने मुझे अपनी तरफ पलटा कर कहा- अब और नही रुक सकता शारी, कहीं चल नही तो यहीं कुछ कर दूँगा. मैने मस्ती मे अपने हाथ उनकी गार्डेन मे डाल कर कहा-ना मेरे प्यारे भैया, यहाँ नही बुआ के घर मिलो 15 मीं मे. और अपने होंठ उनके होंठो से लगा के बिना किस किए हट गयी. मैं पागल सी हुई जा रही थी और उनका भी यही हाल था.मेरी छूट से तो पानी राइज़ जर रहा था, मुझे डार्ट हा कहीं पंत के उपर से दिखने ना लगे. मैं धीरे से मौका देख कर वहाँ से बुआ के घर आ गयी, जो की होटेल के पास ही था. वहाँ पे मैं और मेरी एक कज़िन एक ही कमरे को शेर करते थे, पर सब लोग होटेल मे थे इसलिए किसी को पता चलने का दर ही नही था. घर पोोचते ही मैने भैया को पीयेच कर दिया की वो सीधे उपर वेल गेस्ट रूम मे आ जाए. उनके आने के पहले मे रूम मे धीमी रोशनी कर दी और जल्दी से अपने कपड़े उतार कर सिर्फ़ एक गांजी पहें ली. तभी दरवाज़ा खुला, भैया थे.

मैं दरवाज़े के पीछे छुपी थी, उनके आते ही पीछे से आके मैने उनके लंड को रगड़ना शुरू कर दिया. वो मुझे खीच के बेड पे ले गये. मुझे ऐसे गांजी मे देख के पागल हुए जा रहे थे. मेरे बूब्स पे टूट पड़े, उन्हे दबाते, उन्हे चूस्ते, उन्हे काटते जा रहे थे.. इतना मज़ा तो कभी नही आया मुझे.. मैने धीरे से उनकी शर्ट निकल दी और उन्होने मुझे गांजी से आज़ाद कर दिया.. भाई का एक हाथ मेरी चिकनी चूत पे चल रहा था.वो धीरे से उसमे उंगली करने लगे.. मुझसे रहा नही जा रहा था, मैं उछाल उछाल के उंगली से ही छुड़वाने लगी. वो मेरे निपल्स पर काट रहे थे और मुझे उंगली से छोड़ रहे थे. थोड़ी देर मे ही मेरा पानी छ्छूट गया, मैने उन्हे बेड पे लिटाया और उनकी जीन्स निकल दी. उनके उपर बैठ के मैं उन्हे पागलो की तरफ चूम रही थे. होंठो पे, गले पे, चेस्ट पे, नाभि पे और फिर अंडरवेर के उपर से ही मैने उनके लंड को धीरे से काट लिया.उन्होने झट से लंड निकल के मेरे मूह मे एक मोटी सी धार छ्चोड़ दी. वो भी झाड़ गये थे. पर उनका लंड अभी भी कड़क था. मैने उसे मूह मे लेके चूसना शुरू किया. कभी जीभ से छत लेती, कभी उसे गले तक अंदर ले जाती, कभी टोपे को कस के चुस्ती, तो कभी अंदो को चुस्ती. थोड़ी देर मे ही वो फिर तनटना गया. उन्होने कहा अब चढ़ भी जा. मैने उनके बात सुनके उसे अपनी छूट पे रखा और टोपे को अपने दाने पे रगड़ने लगी.आप ये चुदाई रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
भाई ने मेरा हाथ हटा के अपने 7इंच ले लंड को एक झटके मे मेरी छूट मे घुसा दिया. फिर तो मैने उचक उचक के छुड़वाना शुरू कर दिया. मैने उन्हे बैठा लिया ताकि लंड छूट के अंदर तक जाए, मुझे ऐसे चूड़ने मे बड़ा मज़ा आता है. वो मेरे बूब्स चूसे जा रहे थे और मैं हिल हिल के चुड रही थी. थोड़ी देर मे उन्होने मुझे नीचे लिटाया और मेरे छूट को छोड़ना शुरू कर दिया… मैं मस्ती ना जाने क्या क्या बक रही थी.भैया और ज़ोर से छोड़ो, फाड़ तो मेरी छूट, मेरी छूट का भोसड़ा बना दो.. आआहह… कितना प्यारा लॉडा है तुम्हारा… और ज़ोर से… अंदर तक छोड़ो… आअहह….. ज़ोर से मारो… और ज़ोर से… अपनी बहें को अननी रंडी बना लो.. जी भर के छोड़ो… आआहह….वो पूरी ताक़त से अपना लंड मेरी छूट मे मार रहे थे. मैने झड़ने वाली थी. मैने कहा छोड़ो मैं झड़ने वाली हूँ.. और छोड़ो मेरे भैया.. अपनी बहें को झाड़ दो मेरे भैया.. छोड़ो.. आअहह….. और मैं झड़ गयी..मैं उठकर घुटनो के बाल हो गयी. वो मुझे पीछे से कुत्ते की तरह छोड़ रहे थे.. अपने भी खड़ने वेल थे, कहने लगे ले कुटिया बन के अपने भाई का लंड ले.. सारा अपनी छूट मे ले ले… आअहह… तेरी छूट तो अब मैं रोज़ छोड़ूँगा… ले ले सारा पानी…उन्होने सारा माल मेरी पीठ पे निकल दिया. और वहीं पस्त हो के लेट गये.थोड़ी देर लेटने के बाद कपड़े पहेने और जाने लगे. मुझे एक बड़ी सी किस देते हुए मेरे बूब्स मसल कर कहा. मैं अपने दोस्त के फ्लॅट पे रुका हूँ वो बाहर गया है. कल वहीं मिलेंगे. अब तो तेरी गंद भी मारूँगा. मैने मिलने का वाडा करके विदा ली.अगर 

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