Redirecting in 20 seconds...

लंबे लंड लेने का बड़ा शौक

दोस्तो, मैं शिवानी I मेरे भाई का लंड आठ इंच का था. अपने भाई के लंड से कई बार चुदवा लेने से मेरी फिगर भी भरने लगी थी और मेरा जिस्म मस्त हो गया था.

कॉलेज में मेरी सहेलियां मुझे छेड़ने लगी थीं कि ऐसा क्या लेने लगी हो, जिससे तेरा जिस्म भरने लगा है.

इस पर मेरी एक सहेली मुझे छेड़ते हुए बोली- लगता है जलेबी शीरा पी गई.
उसकी बात मेरी समझ में नहीं आई मगर बाकी की सहेलियां जो कुछ चुदक्कड़ किस्म की थीं, हंसने लगीं.

मैंने उस सहेली से पूछा- जलेबी शीरा पी लेती है, तो इसमें हंसने की क्या बात है?
वो और जोर से हंसने लगी.

मेरी समझ में नहीं आ रहा था.
तभी एक सहेली ने मुझसे कहा- तू बिल्कुल चूतियम सल्फेट है … अबे जलेबी शीरा पीने का मतलब भी नहीं समझती है.
मैंने उसकी तरफ देख कर कहा- अगर मैं समझ गई होती, तो पूछती ही क्यों … बता न जलेबी शीरा पीने से क्या मतलब होता है?
तभी एक दूसरी चुदक्कड़ सहेली ने मेरी चूची दबाई और कहा- आह मेरी जलेबी बाई … तूने किसके लंड का शीरा पी लिया … जो तेरे इतने कड़क मम्मे हो गए.

उसकी बात सुनते ही मुझे समझ आ गया कि कमीनी की जलेबी शीरा पीने की बात का क्या मतलब हुआ.

वैसे साली सही ही तो कह रही थी कि मेरी चुत ने भाई के लंड का शीरा पी लिया था इसलिए तो मेरी चूचियां भरने लगी थीं. चुदाई के वक्त मेरा भाई मेरी चूचियों को खूब चूसता है, जिस वजह से मेरे दूध फलने फूलने लगे थे.

मैं हंस दी और वहां से अपनी एक पक्की सहेली के साथ क्लास की तरफ बढ़ गई. मेरी इस सहेली का नाम तान्या था. वो कॉलेज में मेरी बेस्ट फ्रेंड है.

उसने मुझसे कहा- ये लड़कियाँ इतनी गंदी बातें करती हैं कि मेरी तो चुत में पानी ही आ जाता है.
मैंने उससे पूछा- तेरी चुत में पानी आ गया है … तो अब तू क्या करेगी?

वो मेरी तरफ देख कर हंसने लगी. मैंने हंस मत कुतिया … बता न कि चुत के पानी का क्या करेगी?
पहले तो वो बोली- क्या करूंगी, बाथरूम में जाकर उंगली करके पूरा शीरा निकाल लूंगी और सूसू करके वापस आ जाऊंगी.
मैंने उसकी चूची दबाते हुए कहा- कमीनी शीरा तो लंड से निकलता है … तेरी चुत से शीरा कैसे निकलेगा.

वो हंसने लगी और बातों ही बातों में उसने मुझे बताया- मैं भी शीरा ले लेती हूँ.
मैंने आंख मार कर उससे पूछा- तू किसका शीरा लेती है?
वो मेरी चूची दबाते हुए बोली- साली, अभी तू ही तो कह रही थी कि शीरा तो लंड से निकलता है, तो मैं भी लंड का शीरा ही लेती हूँ.
मैंने अपना सर पीटते हुए पूछा- अरी मूरख ये तो मालूम है कि लंड का शीरा लेती है … लेकिन किसके लंड का शीरा लेती है, ये तो बता?

पहले तो वो आनाकानी करने लगी. फिर मुझे कसम देते हुए बोली- किसी से कहना मत!
मैंने उसके सर पर हाथ रखा कि तू मेरी सबसे पक्की सहेली है, मैं किसी से नहीं कहूँगी. अब तू जल्दी बता कि किसका लंड लेती है?
उसने मुझे बताया- मैं अपने भाई का लंड लेती हूँ.

मैं उसकी बात सुनकर अवाक थी.

वो मेरी तरफ देख कर बोली- अब तू बता कि तू किसका शीरा लेती है?
मैंने भी दबी जुबान में बता दिया- मैं भी अपने भाई के लंड का शीरा लेती हूँ.

वो मेरी शक्ल देखने लगी. एक पल के लिए हम दोनों की आंखों में एक अजीब सी बेचैनी थी. मगर अगले ही पल हम दोनों हंस पड़ी और एक दूसरी से लिपट गई. वो मुझे ऐसे चूमने लगी, जैसे हम दो रंडियां अपनी चुदाई की बात से खुश हो रही हों.

इस तरह हम दोनों ने ओपन होते ही एक दूसरे को सब बता दिया.

तान्या ने अपने भाई के लंड की फोटो अपने मोबाइल में ली हुई थी. उसने मुझे अपने भाई के लंड की फोटो दिखाते हुए कहा- ये मेरे भाई के लंड की फोटो है … तेरे भाई का लंड कैसा है?
मैं भी अपने भाई के लंड की फोटो अपने मोबाइल में रखे थी. मैंने भी उसको अपने भाई के लंड की पिक दिखाई.

मेरे भाई का आठ इंच का मोटा लंड देख कर तान्या बोली- वाओ तेरे भैया का लंड तो बड़ा मस्त है … मुझे भी इस लंड को अपनी चुत में लेना है … प्लीज़ तू कुछ जुगाड़ कर न!
मैंने उससे बोला- मैं भाई से बात करके बताती हूँ.

अब इधर मैं आपको थोड़ा तान्या के बारे में बता देती हूँ. तान्या का फिगर बड़े कमाल का है उसके फिगर का साइज़ 32-28-34 का था. वो एकदम दूध के जैसे गोरी थी और उसे लंबे लंबे लंड लेने का बड़ा शौक था. साथ ही वो गंदी गंदी बातें करने में मानो एक्सपर्ट थी. साली एक लाइन में दस गाली निकालती थी.

साथ ही वो मेरी सबसे अच्छी फ्रेंड भी थी. अब तो हम दोनों के बीच में अपने भाइयों से चुदने का राज भी साझा हो गया था, तो हम दोनों एक दूसरे के पक्के राजदार बन गयी थी.

उस दिन उसने मुझे क्लास से बाहर खींचा और मुझे वाशरूम की तरफ ले आई. उधर उसने मुझसे कहा- चल कुतिया आज हम दोनों अन्दर चल कर लेस्बो करती हैं.

मैंने कहा- साली मरवाएगी क्या? जानती भी है … कोई लड़का आ गया तो क्या होगा?
वो बोली- साली तेरी इतनी गांड फटती है … मुझे आज ही मालूम हुआ है. भोसड़ी वाली … सभी जगह लेडीज जेंट्स टॉयलेट अलग अलग होते हैं. और तेरी मर्जी हो तो चल मैं तो जेंट्स टॉयलेट में चल कर भी तेरे साथ लेस्बियन करने को रेडी हूँ. कोई आ भी गया तो उसके लंड को भी मजा दे दूंगी.

मैंने उसकी बात सुनकर माथा पीट लिया कि किस कमीनी से दोस्ती कर ली.

खैर वो नहीं मानी और लेडिज टॉयलेट में जाकर उसने मेरी चुत में उंगली की, मेरे दूध मसले और मैंने भी उसकी चुत में उंगली करके एक दूसरे का पानी निकलवा दिया. फिर सूसू करके मैं अपनी पैंटी और सलवार ऊपर करने लगी, तो देखा उसने अपने बैग में से एक सिगरेट निकाली और लाईटर से जला कर कश लेने लगी. उसने अभी भी अपनी चुत नंगी खोल रखी थी.

मैंने उसकी तरफ देखा, तो उसने मुझे आंख मारी और मेरी तरफ सिगरेट बढ़ा दी.

मैंने भी कामवासना के मद में उसके हाथ से सिगरेट लेकर अपने होंठों में लगा ली और एक कश खींचा … मगर मुझे खांसी आ गई और वो हंसने लगी. उसने अपनी चड्डी और सलवार ऊपर की और मुझे सिगरेट पीने का तरीका बताने लगी.

दोस्तो, ये कॉलेज ही होता है, जिधर हर तरह का ज्ञान दोस्तों के द्वारा मिलता है. खैर … हम दोनों बाथरूम में मस्ती करने के बाद वापस आ गयी.

शाम को मैं घर आ गई. उस समय मेरा भाई अपने रूम में था. मैं फ्रेश होकर भाई के पास गई और भाई को अपनी बांहों में लेकर उसे किस किया.

उसने भी मुझे अपनी बांहों में कस लिया. वो इस समय सिर्फ एक फ्रेंची में था. मैंने उसकी चड्डी में हाथ डालकर उसके लंड को हाथ में ले लिया. भाई मेरी इस हरकत से गर्म होने लगा और मेरी चूचियां मसलने लगा.

कुछ ही देर में मैंने भाई को बिल्कुल गर्म कर दिया.
भाई ने अपना आठ इंच का लंड बाहर निकाल लिया और बोला- चल तू बड़ी गर्म होकर आई है … पहले सेक्स कर लेते हैं.

मैं बोली- भाई अभी घर पर सब हैं, रात तो अपनी है ही मेरी जान.

मगर भाई नहीं माना. उसने जिद करके अपना लंड मेरे मुँह में दे ही दिया.

मैं बैठ कर उसका लंड चूसने लगी. मेरे अन्दर आज पहले से ही सेक्स का खुमार चढ़ा था … लंड चूसने से और नशा छा गया. मैं ज़ोर ज़ोर से भाई का लंड चूस रही थी. तभी किसी के आने के आवाज़ आई, तो मैं झट से अलग हो गई और भाई ने सब ठीक कर लिया. हम दोनों आमने सामने बैठ गए और बात करने लगे.

मेरा मन भी अब उससे चुदने को करने लगा था. भाई का लंड तो ले नहीं सकती थी … तो बाथरूम में जाकर मैंने अपने आपको शांत किया.

जैसे जैसे रात गहरी होती गई … सब सो गए. मैं सबसे छिप कर भाई का लंड चुत में लेने के लिए अपने भाई के पास आ गई. मेरा भाई अब तक सो चुका था.

मैंने उसके कमरे के दरवाजे को धीरे से बंद किया और सिटकनी लगा कर घूम गई. मैं इस समय बहुत चुदासी हो रही थी. मैंने जल्दी से अपने ऊपरी कपड़े उतार कर एक तरफ फेंक दिए. मैं अब ब्रा और पैंटी में रह गई थी. मैंने भाई के पास जाकर उसका लोअर खींच कर उतार दिया. साथ साथ में उसका अंडरवियर भी खिंचा चला आया. मैंने देखा कि भाई का सोया हुआ लंड भी मस्त लग रहा था. मैं भाई के लंड को चूसने लगी. लंड चूसते समय भाई को गीला गीला सा लगा तो उसकी आंखें खुल गईं.

भाई मुझे गाली देते हुए बोला- भैन की लौड़ी … साली आ गई अपने आदमी के पास लंड लेने.

मैं हंस दी और उसका लंड चूसने लगी. धीरे धीरे भाई का लंड एकदम खड़ा हो गया. पूरा फूल कर लंड अपनी औकात में आ गया. मैं जल्दी से अपनी चड्डी और ब्रा उतार कर भाई के लंड के ऊपर आकर अपनी चुत में लेने लगी.

मैं अपने भाई का पूरा लंड अन्दर ले गई, तो भाई बोला- साली बड़ी जल्दी लंड खा गई … किसी और का भी लेने लग गई क्या?
मैं हंस दी और बोली- भाई मेरी चुत के लिए तो आपका लंड ही बहुत है.

ये बोल कर मैं अपनी भैया के मोटे लंड से चुदने लगी.

‘आआह … आआहह … भाई चोदो ज़ोर से चोदो … बड़ा मजा आ रहा है.’

पूरे रूम में पट् फट् की आवाज़ आ रही थी.

‘आह बसस्स भाई … बहुत अन्दर तक जा रहा है … आह मैं मर जाऊंगी … आह धीरे..’
मेरी बात सुनकर भाई मुझे और ज़ोर से चोदने लगा.

कुछ देर बाद भाई ने मुझको डॉगी स्टाइल में खड़ा कर दिया और ज़ोर से पीछे से लंड पेल कर मुझे चोदने लगा.

बीस मिनट की चुदाई के बाद भाई ने अपना सारा लंड रस मेरी चुत में छोड़ दिया.

वो अपने लंड की पिचकारियां मेरी चुत में छोड़ते हुए बोला- आआहह … मज़ा आ गया यार. … कल तेरी गांड मारूंगा.

मैं बोली- भाई नहीं … गांड नहीं … उधर बहुत दर्द होता है.
भाई बोला- नहीं मेरी बहना … मैं प्यार से तेरी गांड मारूंगा.
मैं बोली- यहां नहीं … मैं दिल्ली आऊंगी … तब मार लेना.

भाई ने मुझको किस किया. मैं भाई की बांहों में नंगी ही लेट गई.

मुझे अपनी फ्रेंड की बात याद थी.

मैंने भाई को बताया कि मेरी एक फ्रेंड आपसे चुदवाना चाहती है.

भाई ने मेरी सहेली के बारे में मुझसे बात की और उसका फिगर कैसा है, ये सब पूछा.

मैंने तान्या के सेक्सी शरीर की बात भाई को बताई, तो भाई का लंड तान्या की चुदाई करने के लिए खड़ा हो गया.
वो बोला- ठीक है … कब चुदवाएगी तान्या. मैं बोली- जब आप बोलो.

तान्या की चुत मिलने का सुनते ही भाई ने कहा- उसकी चुदाई पहली फुर्सत करूंगा. मगर अभी तेरी एक बार फिर से लेने का मन हो गया है.
मैं भी अपने भाई के लंड से दुबारा चुदने को बेचैन हो गई थी.

इस बार भाई से सुपरफास्ट और बहुत हार्ड तरीके से मेरी चुत चुदाई कर डाली. उसने इतनी स्पीड में चुदाई की थी कि मेरी चुत भी दर्द करने लगी थी.

भाई बोला- यार तान्या को जल्दी चुदवाना … तेरी बात सुनकर मेरे लंड में आग लग गई है.
मैं थोड़ी दुखी हो गई.

वो बोला- क्या हुआ?
मैंने कहा- तान्या के बाद आप मुझको तो चोदोगे नहीं?
भाई बोला- अरे नहीं यार … तान्या को एक बार खुश कर देता हूँ. उसके बाद मैं तो तेरा ही हूँ. जब तू बोलेगी तब तुझे चोद दूंगा.
मैं बोली- ओके भाई.

मैं कपड़े पहन कर अपने रूम में चली गई. सुबह कॉलेज में मैंने तान्या को रात की चुदाई के बारे में सब बता दिया.

वो गाली देते हुए बोली- साली अकेली ही चुद कर आ गई भोसड़ी वाली. मेरी चुत का क्या होगा?
मैं बोली- मर मत. … भाई से बात हो गई है … तू बता तुझे उससे कब चुदना है.
वो बोली- कल ही बुला ले.
मैंने कहा- किधर चुदेगी?
वो बोली- हां यार … ये तो दिक्कत है … उसे कहाँ बुला लूं … मादरचोद कोई प्लेस भी नहीं है.

मैं उसकी तरफ देखने लगी.
वो बोली- होटल में चली जाऊंगी.
मैंने ओके कह दिया और घर आ गई.

घर आकर मैंने भाई को बता दिया और कल उसके साथ चलने का कहा.
भाई भी राजी हो गया.

अगले दिन मैंने तान्या को भाई से मिलवाया, तो दोनों बिना किसी की शर्म के ऐसे मिल रहे थे … जैसे दोनों पहले ही एक दूसरे जानते हों.
थोड़ी देर में मैं कॉलेज आ गई.

अब आगे की स्टोरी तान्या से सुनिए.

हैलो मैं तान्या … मैं शिवानी के भाई के साथ होटल के रूम में आ गई. ये रूम मैंने ही बुक किया था. कमरे में जाते ही मैं शिवानी के भाई से चिपक गई. पागलों के जैसे उसको किस करने लगी. वो भी गर्म हो गया और मेरा पूरा साथ दे रहा था. मेरे चूचे दबा रहा था. वो दो तीन मिनट में ही पूरा पागल हो गया.

उसने धीरे धीरे करके मेरे सारे कपड़े निकाल दिए, मैंने उसके कपड़े हटा दिए.

उसका आठ इंच कर खड़ा लंड देख कर मेरी तो गांड फट गई. मैं उससे बोली- कैसे जाएगा … ये तो बहुत मोटा और लंबा है.
वो बोला- तू मेरा कमाल देख … इस लंड को तो तू उछल उछल कर चुत में लेगी.
मैं हंस दी.

उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरी चुत चाटने लगा. मैं पागल हो गई और सिसकारियां भरने लगी ‘आआहह … आआहह … चाटो … डियर मज़ा आ रहा है … आआह..’

कुछ देर मैं भी उसका लंड चूसने लगी. फिर मैंने उससे कहा- अब नहीं रहा जा रहा … मुझे चोद दो प्लीज़.

उसने मुझे बिस्तर में चित्त लेटा दिया और मेरी टांगें ऊपर करके लंड चुत की फांकों में सैट कर दिया. उसके मलंद का सुपारा एकदम दहक रहा था. उसने मेरी चुत में लंड का एक शॉट मारा … तो उसका आधा लंड मेरी चुत में घुसता चला गया

मेरी मैया चुद गई … ऐसा लगा जैसे किसी ने गर्म सलाख चुत में ठांस दी हो. मेरी दर्द से भरी तेज चीख निकल गई- आआहह … आआहह … निकालो.

और मेरी आँखों से आंसू निकल गए. मैंने इतना मोटा लंड अब तक नहीं लिया था. हालांकि मेरे भाई का लंड भी सात इंच का है … लेकिन शिवानी के भाई का लंड मोटा बहुत था.

थोड़ी देर बाद मेरा दर्द कम हुआ तो वो मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.
मैं भी ‘आआहह … आआहह..’ करके चुद रही थी. वो ज़ोर ज़ोर से मुझे चोदे जा रहा था.

कोई बीस मिनट की चुदाई में मेरी जान निकल गई. उसने मेरी चुत में ही सारा रस छोड़ दिया और मेरे ऊपर लेट गया.
थोड़ी देर वो ऐसे ही लेटा रहा. फिर बोला- तेरी लेने में मज़ा आ गया.
मैं उसको किस करने लगी.

उस दिन उसने मुझको तीन बार चोदा. शाम को घर आकर मैंने शिवानी को फोन पर सब बता दिया और सो गई.

तो दोस्तो, मेरी सहेली तान्या मेरे भाई से चुद कर खुश हो गई थी. भाई को भी उसे चोदने में मज़ा आ गया था.

भाई ने घर आकर मुझे गले से लगाया और बोला- सच में तान्या बड़ी टेस्टी थी … आज उसकी चूत लेने में बड़ा मज़ा आया.

मैंने कहा- उसकी तो ले ली … मेरी कब लोगे?
भाई- तुम्हारी कल लूंगा … कल तुमको और भी मस्त चोदूंगा.

उस दिन के बाद मैं और तान्या भाई से चुद रही हैं. तान्या और मैं अपने भाई से एक साथ भी चुद चुकी हैं. तान्या के भाई से भी मैं चुद चुकी हूँ. हम चारों ने एक बार ग्रुप सेक्स भी किया है. वो सारी बातें अगली मदमस्त सेक्स कहानी में लिखूंगी. लव यू फ्रेंड्स आप भी चोदते रहिए और लड़कियों तुम सब भी चुदती रहो. जवानी एक बार ही आती है … इसके पूरे मजे लो.

 4,578 total views,  1 views today

Tagged : / / / / / /

मेरी देसी चूत

मेरा नाम डिम्पल है और मैं 28 साल की हूं. मेरा फिगर 36-30-36 का है. मेरी शादी भी हो चुकी है. आज मैं आपको अपनी जिन्दगी का एक अनछुआ लम्हा बताने जा रही हूं. मेरे एक फ्रेंड के कहने पर मैं ये वाकया आपके साथ बांट रही हूं.

ये घटना अब तक मेरे मन को कचोट रही थी. मैंने आज तक इसके बारे में किसी से जिक्र नहीं किया था. आज मेरा बहुत मन किया मैं इसको आप लोगों को बताऊं.

मैं इस साइट पर बिल्कुल नयी हूं. अगर मुझसे यह कहानी लिखने में कोई गलती हो जाये तो मुझे माफ करें.
अब मैं अपनी कहानी की शुरूआत करती हूं.

शादी से पहले ही मैं तीन लड़कों के साथ सम्भोग का सुख ले चुकी थी. इसलिए मैं उन तीनों के बारे में आपको एक एक करके बताऊंगी. आप थोडा़ सा धैर्य रखें.

मैं बहुत ही इज्जतदार फैमिली से हूं. 12 वीं तक तो मेरी पढ़ाई भी वैसे ही हुई जैसे कि सब लोग करते हैं अपने लोकल एरिया में. मैंने भी अपना स्कूल अपने गांव में ही पूरा किया.

उसके बाद आगे की पढ़ाई का सवाल था. मेरे मां-पापा मुझ पर काफी भरोसा करते थे. मैंने आज तक कोई गलत काम नहीं किया था और हमेशा अपनी इज्जत को बरकरार रखा. इसी भरोसे पापा ने मुझे पटना सिटी भेजने का फैसला किया.

पटना के एक अच्छे कॉलेज में मेरा एडमिशन हुआ और मैं वहीं पर हॉस्टल में रहने लगी. शुरू शुरू में सब कुछ ठीक चल रहा था. मैं भी पढ़ाई में मन लगा रही थी. मगर मैं जवान भी हो रही थी इसलिए कभी कभी नजर भटक जाया करती थी.

फिर मेरी मुलाकात कॉलेज के एक लड़के से हुई. उसका रियल नाम मैं यहां पर नहीं बता सकती हूं. मैं उसको सुमित नाम दे रही हूं.
सुमित देखने में बहुत ही स्मार्ट और हैंडसम था.

एक दिन कुछ लड़के मुझे और मेरी सहेलियों को परेशान कर रहे थे. सुमित पास आया और उसने उन लड़कों को डांट कर भगा दिया. उस दिन के बाद से मैं उसको अच्छा मानने लगी.

मेरी अभी तक उससे बात नहीं हुई थी. बस एक बार हैलो हुई थी. उसके बाद जब कभी भी वो मेरे सामने होता था तो मैं उसको स्माइल करके निकल जाया करती थी. वो भी बदले में स्माइल से जवाब देता था.

इस तरह से धीरे धीरे हम दोनों की फ्रेंडशिप बढ़ने लगी.

एक दिन उसने मुझे उसके साथ घूमने चलने का ऑफर दिया. मैं सोच नहीं पाई कि उसको क्या जवाब दूं. एकदम से किसी के इतने करीब जाने में मुझे डर लग रहा था. मैं जब गांव में थी तो लड़कों से बच कर रहती और मेरा कोई ब्वॉयफ्रेंड भी नहीं था.

सुमित को मैंने मना कर दिया. मैं इसके लिए कम्फर्टेबल नहीं थी. घरवालों से मुझे बहुत डर लगता था. अगर मेरे साथ कुछ भी गलत हुआ तो मेरे घरवालों का विश्वास टूट जाता.

मेरे मना करने पर सुमित ने मेरी बात का बुरा भी नहीं माना.
वो बोला- कोई बात नहीं, अगर तुम्हारी इच्छा नहीं है तो रहने देते हैं. मैंने तो इसलिए पूछा था कि तुम पटना में नयी हो इसलिए तुम्हें शहर दिखा ले आता हूं.

वैसे मेरा बहुत मन करता था सुमित से बात करने के लिए. मगर मैं खुद को कंट्रोल करके रख रही थी. अब हम दोनों की दोस्ती आगे बढ़ रही थी.
सुमित ने मुझसे मेरा मोबाइल नम्बर मांगा. मैंने कह दिया कि मैं मोबाइल फोन नहीं रखती हूं.

वो बोला- तो फिर घर पर कैसे बात करती हो?
मैंने कहा- हॉस्टल के नम्बर पर बात हो जाती है.
वो बोला- ओह्ह, ठीक है.

इस तरह से वक्त बीतता गया और फिर मेरा बर्थडे आ गया. मेरे बर्थडे गिफ्ट के रूप में उसने मुझे एक मोबाइल फोन दिया.
मैंने वह फोन का गिफ्ट लेने से मना कर दिया.
मगर वो जिद करने लगा; कहने लगा कि अगर मोबाइल नहीं लिया तो वो मुझसे बात नहीं करेगा.
उसकी जिद के आगे मुझे मानना पड़ा और मैंने मोबाइल ले लिया.

मेरे पास मोबाइल आने के बाद रोज सुमित का फोन आता था. वो रोज मुझसे बातें करने लगा और मुझे भी उसके साथ बातें करना अच्छा लग रहा था.

उससे बात होते होते पता नहीं कब हमारी ये दोस्ती प्यार में बदल गयी. फिर एक दिन उसने मुझे प्रपोज भी कर दिया. सुमित से मेरा लगाव काफी बढ़ चुका था इसलिए मैं भी उसको मना नहीं कर पाई.
इस तरह हम दोनों ब्वॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड बन गये.

उसके बाद रोज उससे घंटों बातें होने लगीं. रात रात भर उसके साथ मैं फोन पर बातें करती रहती थी. कॉलेज में भी उसके साथ टाइम स्पेंड किया करती थी. मगर अभी तक हम दोनों कहीं बाहर नहीं गये थे.

एक दिन उसने बोला कि चलो घूमने चलते हैं. मैं भी पटना में इतने दिनों से रह रही थी लेकिन अभी तक कहीं घूमी नहीं थी. इसलिए मैंने चलने के लिए हां कर दी.

मैं अपने साथ अपनी रूम मेट को भी ले गयी. हमने बाहर काफी अच्छा वक्त बिताया और मस्ती की. उसके बाद हम फिर से हॉस्टल लौट कर आ गये. कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा.

एक रात की बात है कि हम दोनों फोन पर बातें कर रहे थे. बात करते हुए सुमित थोड़ा नॉटी होने लगा. एक दो बार मना करने के बाद मेरा भी मन करने लगा और मैं उसका साथ देने लगी.

उस दिन के बाद से हम दोनों काफी खुलने लगे थे. अक्सर वो फोन पर मुझसे सेक्स चैट किया करता था. मैं भी उसको मना नहीं करती थी. अब हम दोनों के बीच में वो सब बातें होने लगी थीं जो एक नॉर्मल ब्वायफ्रेंड और गर्लफ्रेंड के बीच में होती है. हम दोनों के बीच में भी वो सब होने लगा.

फिर एक दिन उसने चिड़ियाघर में घूमने के लिए बोला. हम दोनों ज़ू में घूमने के लिए गये. इस बार केवल मैं और सुमित ही थे. मैंने उस दिन सलवार और सूट पहना हुआ था. उसके ऊपर एक दुपट्टा डाला हुआ था.

मैंने कभी जीन्स नहीं पहनी थी और न ही मैं ब्रा पहनती थी क्योंकि उस वक्त मेरे मम्में इतने बड़े नहीं थे कि उनको थामने के लिए मुझे ब्रा की जरूरत पड़े. अब मैं सुमित के साथ काफी ज्यादा कंफर्टेबल हो गयी थी.

सुमित ने मेरे हाथ को अपने हाथ में थाम रखा था और हम दोनों साथ में चलते हुए ज़ू में घूम रहे थे. काफी देर चलने के बाद हम दोनों एक जगह जाकर बैठ गये.

उस जगह पर काफी सुनसान सा था. हम दोनों एक पेड़ के नीचे बैठे हुए थे. हम दोनों बातें कर रहे थे कि बीच में ही सुमित ने एक किस की डिमांड कर दी.
मैं आनाकानी करने लगी.
काफी जोर देने के बाद मैं गाल पर किस देने के लिए राजी हुई.
सुमित मेरे होंठों पर किस करना चाहता था. मगर आखिर में उसने मेरे गाल पर ही हल्का सा किस किया.

फिर वो मेरी गोद में अपना सिर रख कर लेट गया. बात करते करते उसने मेरे पेट पर सूट के ऊपर से ही चूमना शुरू कर दिया. कभी मेरे पेट पर उंगली घुमाने लगा. मैंने भी उसको रोकने की कोशिश नहीं की क्योंकि अगर मैं कुछ हरकत करती तो किसी को पता चल जाता. इसलिए वो जो करता रहा मैंने करने दिया.

सुमित ने फिर धीरे से मेरे शर्ट को साइड से हटा लिया और मेरे नंगे पेट के बीच में मेरी नाभि पर किस कर दिया. मेरे बदन में जैसे चीटियां रेंगने लगी और मैं उत्तेजित होने लगी. मैं उसको रोकने लगी मगर वो रुक नहीं रहा था. फिर मैंने उसे हटाया और अपनी कुर्ती ठीक कर ली और अपने पेट के नंगे पार्ट को ढक लिया.

कुछ देर वो चुपचाप बैठा रहा. मेरा ध्यान उसकी पैंट में बनी गोल और लम्बी सी डंडे के आकार की आकृति पर गया. उसकी जिप के पास में एक लम्बा सा खीरे जैसा कुछ उठा हुआ था. शायद ये उसका सेक्स ऑर्गन था. मैंने पहली बार किसी लड़के के लिंग को ऐसे इतने करीब से उठा हुआ देखा था.

अपने ही खयालों में मैं बैठी थी कि तभी सुमित ने मेरी चूचियों पर हाथ रख कर उनको दबा दिया. उस वक्त मेरी चूची अमरूद जैसी ही थी. दो-तीन बार उसने ऐसा ही किया और मैं भी एक्साइटेड हो गयी.

यह सब कुछ मेरे साथ पहली बार हो रहा था. मगर मैं कुछ भी जाहिर नहीं कर रही थी. फिर उसने ई-पॉड निकाला और कुछ फनी वीडियो मुझे दिखाने लगा. बीच बीच में उसने उसके अंदर पोर्न वीडियो भी डाले हुए थे. उसने मुझे भी वो पोर्न वीडियो दिखा दिये.

मैंने पहली बार सेक्स वीडियो देखा था. उसमें मैंने देखा कि एक लड़की एक लड़के के लंड को मुंह में लेकर चूस रही थी.
सुमित बोला- तुम भी ऐसा करना चाहोगी?
मैंने मना कर दिया.

मगर फिर वो जिद करने लगा.
मैं बोली- मैं मुंह में नहीं लूंगी, हां बस हाथ में पकड़ सकती हूं.
मेरे हां करने पर उसके चेहरे पर एक हवस दिखाई देने लगी.

हम दोनों फिर थोड़ा और अंदर चले गये. वहां पर दूर दूर तक कोई दिखाई नहीं दे रहा था. वैसे भी दोपहर का टाइम हो चुका था. वहां पर ऐसे समय पर हमारे जैसे कपल ही ज्यादा रहते हैं.

उसके बाद सुमित ने अपना औजार अपनी पैंट से बाहर निकाल लिया. मैं उसके टूल को देखती ही रह गयी. मुझे काफी घबराहट हो रही थी. मैंने पहली बार लिंग ऐसे अपनी आंखों के सामने देखा था.

सुमित ने मुझे उसका लंड पकड़ने के लिये कहा. मैं शरमा रही थी. मगर फिर मैंने कांपते हाथ से उसके लंड को पकड़ लिया. उसका लंड काफी गर्म था. उसको हाथ में भर कर मैं उसे हिलाने लगी.
वो सिसकारते हुए बोला- आह्ह… डिम्पल डार्लिंग, एक बार इसको मुंह में भी ले लो.

मैंने उसको मना कर दिया. उसके बाद सुमित मेरी सलवार के ऊपर से ही मेरी चूत पर हाथ फिराने लगा. वो मेरी सलवार का नाड़ा खोलने की कोशिश करने लगा. मैं मना करने लगी कि कोई देख लेगा.
वो बोला- दूर दूर तक यहां पर कोई भी नहीं है.
मैं आसपास देखने लगी तो सच में वहां पर कोई दूर दूर तक दिखाई नहीं दे रहा था.

इतने में ही सुमित ने मेरी सलवार का नाड़ा खींच दिया. नाड़ा खुलते ही मेरी सलवार नीचे सरक गयी क्योंकि मैं खड़ी हुई थी.
मैंने कहा- नहीं, ये सही नहीं है सुमित.
वो बोला- जान, बस एक बार दर्शन करने दो मुझे इसके.

मैं मना करती रही लेकिन वो मानने वाला नहीं था. मैं उसकी जिद को पूरा करने के लिए मान गयी. मेरे हां करते ही वो घुटनों के बल बैठ गया और मेरी पैंटी को नीचे करने लगा. उसने मेरी पैंटी को खींच दिया और मेरी चूत को देखने लगा.

फिर मैं सलवार ऊपर खींचने लगी लेकिन उसने इसी बीच मेरी चूत पर होंठों से किस कर दिया. डर के मारे मैंने एकदम से सलवार ऊपर कर ली और बोली- चलो अब. यहां पर कोई देख लेगा.
मैंने अपनी सलवार का नाड़ा बांध लिया था.

उस दिन के बाद से जब भी मैं उससे कॉलेज में मिलती थी तो मौका पाकर वो मेरे मम्मों को दबा देता था या फिर हाथ से मसल देता था. बार बार ऐसा करने से मेरी चूचियों का साइज अब धीरे धीरे बढ़ने लगा था जो कि मैं साफ साफ नोटिस कर पा रही थी.

सुमित ने कई बार मुझे उसके रूम पर बुलाने की कोशिश की. मगर मैं टालती रही. मैं जानती थी कि अगर वो पार्क में इतना कुछ कर सकता है, कॉलेज टाइम में भी मेरी चूची पकड़ सकता है तो फिर अगर मैं अकेले में मिली तो वो बहुत कुछ कर देगा. इसलिए मैंने टाल दिया. मैं बार बार उसको मना कर देती थी.

कुछ दिन के बाद इस बात को लेकर हम दोनों का झगड़ा भी होने लगा. वो कहता था कि मैं उसको प्यार ही नहीं करती हूं, उस पर भरोसा ही नहीं करती हूं.

मैं बोली- देखो, तुम ऊपर से कुछ भी कर लो लेकिन उससे ज्यादा तो मैं शादी के बाद ही करने दूंगी. मैं शादी से पहले ये सब नहीं करना चाहती हूं. ये सब गलत है अभी.

इस तरह वक्त बीत रहा था. मैं उसको मौका नहीं दे रही थी. इसी बीच मेरी बड़ी दीदी की शादी होने लगी. लड़का यानि कि मेरा होने वाला जीजा पटना में ही जॉब करता था. फिर शादी के बाद मेरी दीदी पटना में ही रहने के लिए आ गयी.

बीच बीच में टाइम निकाल कर मैं भी दीदी के पास चली जाया करती थी मिलने के लिए. एक बार मैं दीदी के यहां पर गयी हुई थी. रात को काफी लेट हो गयी थी इसलिए मैं हॉस्टल में नहीं आई और रात में वहीं पर रुक गयी.

मेरी दीदी और जीजा का रूम साथ में ही था. वो साथ वाले रूम में ही सोये हुए थे. रात में काफी टाइम के बाद मेरी आंख खुली. मेरे कानों में कुछ आवाजें आईं.

उत्सुक होकर मैं देखने के लिए उठी कि ये कैसी आवाजें आ रही हैं इतनी रात में. मैं दीवार पर कान लगा कर सुनने लगी. वो अजीब सी आवाजें थीं.

फिर मैंने खिड़की के छेद से देखा तो दीदी और जीजा का प्रोग्राम चल रहा था. मेरे जीजा ने मेरी दीदी को नंगी किया हुआ था और वो खुद भी नंगे थे. जीजा ने दीदी की टांगों को उठा कर कंधे पर टांगा हुआ था और वो दीदी की चूत में अपना लिंग घुसा रहे थे.

दीदी के मुंह से मस्ती भरी कामुक सिसकारियां निकल रही थीं और वह अपनी मोटी मोटी चूचियों को मसलते हुए आह्ह आह्ह करते हुए जीजू के लंड को अपनी चूत में ले रही थी.

दीदी की चूत में जीजा का मोटा लंड घुसते हुए देख कर मेरी धड़कन धक धक होने लगी. ये सब हो क्या रहा था. मैं कुछ सोच नहीं पा रही थी. ऐसा नहीं था कि मुझे मर्द और औरत के बीच के शारीरिक रिश्ते के बारे में नहीं पता था, मगर मेरी आंखों के सामने ऐसा कुछ पहली बार मैं होते हुए देख रही थी.

फिर जीजू ने दीदी को उठने के लिए कहा. दीदी उठ गयी और जीजू नीचे लेट गये. दीदी फिर जीजू के ऊपर अपनी चूत खोल कर लंड पर बैठने लगी. दीदी ने धीरे धीरे बैठते हुए जीजा का लंड अपनी चूत में ले लिया.

लंड अंदर उतारने के बाद वो जीजा के लंड पर उछलने लगी. जीजा भी उसकी चूत में नीचे से लंड के धक्के लगाने लगे. जीजू दीदी की चूचियों को अपने हाथों से जोर जोर से दबा रहे थे. जीजू के हाथों में दीदी के मोटे मोटे चूचे उछल रहे थे.

ये सब देख कर मेरा गला सूखने लगा मगर मेरी चूत में गीलापन होने लगा. फिर जीजू ने उनको घोड़ी बना लिया और पीछे से उनकी चूत को पेलने लगे. दस मिनट हो गये थे चुदाई चलते हुए. मेरे पैर भारी हो रहे थे. मुझसे खड़ा नहीं रहा जा रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे शरीर में ताकत नहीं बची है.

फिर मैंने देखा कि जीजू ने एकदम से अपनी स्पीड बढ़ा दी और वो फिर रुकते चले गये और दीदी के ऊपर ढेर हो गये. फिर वो साइड में होकर लेट गये. दोनों हांफ रहे थे.

अब मैं वहां से साइड हो गयी. मैं अपने रूम में आकर लेट गयी. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मेरे साथ ये क्या हो रहा है. मेरी धड़कन बहुत तेजी से चल रही थी. मेरी सांस फूल सी गयी थी. पूरा बदन कांप रहा था. मगर एक एक्साइटमेंट भी थी, कुछ मदहोश कर देने वाली सी फीलिंग आ रही थी इसलिए वो सब मुझे अच्छा भी लग रहा था. मैंने चूत को कपड़ों के ऊपर से छूकर देखा तो मेरी चूत का गीलापन कपड़े तक आ चुका था.

 3,309 total views

Tagged : / / / / /

मेरा बदन

हेलो, मेरा नाम सोनाली है I मेरे बूब्स का साइज 32 और मेरे हिप्स का साइज 36 है मैं एकदम भरे हुए जिस्म की औरत हूं।
मुझे देखते ही सब मुझसे अट्रैक्ट हो जाते हैं और मुझे चोदने की ख्याल अपने मन में लाने लगते हैं.

मुझे एक व्यक्ति जिनकी उम्र 40 साल के आसपास रही होगी उनका ईमेल आया वह बहुत ही मैच्योर व्यक्ति थे। उनकी बातों से ही उनका अच्छापन, भलमानसत साफ झलक रहा था. उनकी ईमेल पर मुझसे बहुत अच्छी तरीके से बात हुई. फिर मैंने उन्हें हैंग आउट पर आने को कहा फिर हमारी हैंग आउट पर बात होने लगी.

उस दिन मेरी थोड़ी तबीयत खराब थी. आप समझ रहे हैं ना … लड़कियों की तबीयत हर महीने खराब हो जाती है. उस दिन मेरी तबीयत उसी तरह से खराब थी. मतलब लाल झंडी आई हुई थी.

मैंने उनसे कहा कि आज मेरी तबियत ख़राब है, बाद में बात करूंगी.

उन्होंने मेरी मजबूरी समझी और कहा- ठीक है सोनाली।
मुझे भी लगा कि वे अच्छे इंसान हैं.

फिर मैंने उन्हें एक दिन अपने पास मिलने के लिए बुलाया.
तो उन्होंने मुझसे कहा कि अभी तो मुझे टाइम नहीं है। जैसे ही मैं फ्री होता हूं मैं आपको बताता हूं, मैं आ जाऊंगा.

फिर उनकी और मेरी कॉल पर बात होती रही.

एक दिन उन्होंने मुझसे कहा- सोनाली जी, आप मेरे पास आ सकती हैं क्या?
मैंने उनसे कहा- ठीक है. बताइए कहां आना है मुझे?

और मैं उनके पास मिलने के लिए चली गई. उनकी उम्र 40-42 साल के आसपास रही होगी, थोड़े मोटे से थे लेकिन इंसान बहुत अच्छे थे। इसलिए उनके पास उनसे मिलने के लिए चली भी गई थी.

फिर वे मेरे पास आकर बैठे. उन्होंने मेरा हाथ अपने हाथ में ले लिया और मेरे हाथ पर अपनी उंगलियां फिराने लगे.
मैं भी उनकी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी.

फिर वे मेरे बालों में अपनी उंगलियां फिराने लगे और मेरे होठों पर किस करने लगे. मैंने भी अपने हाथ उनके कंधों पर रख लिए थे और मैं उनके होंठ चूसने लगी.
हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे और एक दूसरे में इस तरह से खो गए हमें पता ही नहीं चला कि हमने कब एक दूसरे के कपड़े उतार दिए. तब हम एक दूसरे के बदन को चूम चाट रहे थे।

यह सब करने से मेरी वासना जाग उठी थी तो फिर मैं उनका लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी. उन्हें भी बहुत मजा आ रहा था. वे भी अपना लंड अपने हाथ में पकड़ कर मेरे मुंह में डालने लगे। थूक का लार मेरे होंठ और उनके लंड से चिपका पड़ा था।

फिर उन्होंने मुझे बिस्तर पर सीधा लेटा दिया और मेरी जांघें फैला दी. मुझे अच्छा तो लग रहा था लेकिन वो इस तरह से मेरी नंगी चूत को घूर रहे थे कि मुझे शर्म आने लगी. मैंने उन्हें रोका तो नहीं पर मैंने अपनी आँखें बंद कर ली.

उन्होंने अपनी उंगली मेरी चूत की दरार पर फिराई तो मेरा पूरा बदन झनझना गया. फिर उन्गोने मेरी चलित को अपनी ऊँगली और अंगूठे के बीच में लेकर मसला तो मेरी सिसकारी निकालने लगी और मेरे चूतड़ अपने आप ही ऊपर को उठाने लगे.
अब तक मेरी चूत कामवासना से पानी छोड़ कर गीली हो चुकी थी और लंड लंड पुकार रही थी.

लेकिन जब मैंने उन्हें देखा कि वे तो मेरी नंगी चूत से खेलने में ही लगे हुए हैं तो मैंने अलसी और कामुकता भारी आवाजा में कहा- अब ऊपर भी आ जाओ ना.

उन्होंने मुस्कुरा कर मेरी आँखों में देखा तो मैं फिर शर्म से पानी पानी होने लगी.

मेरी कामुकता को भाम्प कर वे मेरी नंगी जाँघों के बीच में आये और अपना लंड मेरी चूत की दरार में रगड़ने लगे. अब मुझे गुस्सा आने लगा था कि ये मेरी चूत में अपना लंड घुसा क्यों नहीं रहे हैं.
आखिअर मैंने अपने कूल्हे ऊपर को उचकाये तो उनके लंड का सुपारा मेरी चूत के छेद में फंस गया.
आह … मजा आ गया था मुझे.

मेरी सिसकारी सुन कर उन्होंने एक धक्का लगा कर मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया. और साथ ही बहुत तेज तेज धक्के मार मारने लगे.
तेज धक्कों से मुझे दर्द होने लगा, मैं चिल्लाने लगी.

मैंने उनसे कहा- प्लीज आराम से करिए!
फिर वे मुझे मजा दिलाने लगे. मेरे स्तनों पर वे अपना हाथ फिराने लगे.

फिर हमने बहुत देर तक ऐसे ही चुदाई की. उसके बाद उन्होंने मुझे घोड़ी बना लिया और पीछे से अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया. वे मेरी कमर पर किस करने लगे और मेरे हिप्स पर मारने लगे. उन्होंने मुझसे कहा- तुम्हारी कमर बड़ी गोरी है. एकदम चिकनी हो तुम! तुम्हारे पूरे शरीर पर कहीं भी बाल नहीं हैं. इतने बड़े बड़े बूब्स और साथ में चिकनी चूत और एक औरत चोदने में मजा आ रहा है.

मैंने भी हम्म कहकर उनके सवाल का जवाब दिया।

उन्होंने मुझसे कहा कि आज मैं तुम्हें बहुत चोदूंगा.
मैंने कहा- आप मुझे बहुत अच्छे लगे हैं, आप मुझे जितना मर्जी चोद लीजिए।

मेरी ऐसी गरम बातें सुनकर फिर उनको मजा आने लगा. उन्होंने मुझसे कहा- मैं अपने लंड का पानी तुम्हारे मुंह पर गिराना चाहता हूं.
तो मैं घुटनों के बल नीचे बैठ गई और वे अपने लंड से मेरे चेहरे पर मुठ मारने लगे और सारा पानी मेरे गोर चेहरे पर गिरा दिया।

फिर मैंने एक तौलिये से से अपना चेहरा साफ किया और ऐसे ही उनके पास आके बैठ गई।
हम दोनों ऐसे ही बेड पर नंगे लेट गए।

थोड़ी देर बाद उनका लंड फिर से खड़ा होने लगा. अबकी बार उन्होंने मुझे दीवार के सहारे खड़ा कर लिया और पीछे से अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मेरी कमर को पकड़ कर आगे पीछे हिलाने लगे.
कुछ देर ऐसे ही करने के बाद फिर हम बेड पर आ गए. उन्होंने मुझे पेट के बल लेटा कर पीछे चूतड़ों की दरार से अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मेरे बालों को कस कर पकड़ लिया।

वे मुझे बहुत तेज तेज चोदने लगे. मैं उनके धक्कों का साथ पता नहीं कैसे-कैसे दे रही थी. मुझे ही पता है कि मैं उनके झटके कैसे झेल रही थी. पर अंदर ही अंदर मुझे मजा भी खूब आ रहा था.

और तभी उन्होंने मुझसे कहा- मैं इस बार तुम्हारी चूत में ही झड़ने वाला हूं.
मैंने उससे कहा- नहीं, आप अंदर नहीं करना क्योंकि हमने कंडोम नहीं लगाया था.
उन्होंने मुझसे कहा- नहीं, मुझे तो तुम्हारी प्यारी सी चूत के अंदर ही करना है और मुझे मजा आने वाला है.

मैंने उनसे कहा- ठीक है, कर लीजिए.

और उन्होंने मेरी चूत में ही अपना सारा गरम गरम पानी छोड़ दिया। मुझे उनका पानी अपने अंदर खूब महसूस हुआ।

करीब 1 घंटे में वह दो बार झड़ गए थे फिर हमारी कुछ देर तक ऐसे ही बैठ कर बातें होती रही।

एक डेढ़ घंटे बाद उनका लंड फिर से खड़ा हो गया और उन्होंने मुझसे कहा- प्लीज मेरे लंड को एक बार सक करो!
और मैं उनका लंड फिर से एक बार अपने मुंह में लेकर चूसने लगी.

जब मैं उनका लंड चूस रही थी तो उन्होंने मुझसे कहा- सोनाली, मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.
मैंने कहा- नहीं, मैंने आज तक नहीं पीछे से नहीं मरवायी है।
मुझे गांड शब्द का इस्तेमाल करने में शर्म सी महसूस हुई.

उन्होंने मुझसे कहा- प्लीज, एक बार ट्राई करो ना!
मैंने उनसे कहा- ठीक है.

फिर वे एक लोशन लेकर आए और उन्होंने उसको मेरी गांड के छेद पर मल दिया और अपने लंड पर भी लगा लिया. फिर मेरी गांड के छेद पर लगाकर अपना सारा लंड एक ही झटके में मेरी गांड में उतार दिया।

मेरी तो जैसे चीख निकल गई मेरी आंखों में हल्के से आंसू भी आ गए थे।

फिर वे बहुत धीरे धीरे धक्के लगाने लगे और अपने हाथ से मेरी चूत को मलने लगे. मेरी चूत के दाने पर अपना हाथ फिराने लगे तो फिर मुझे थोड़ी सी राहत महसूस हुई और मुझे मजा आने लगा.
तब उन्होंने अपने धक्के की स्पीड थोड़ी सी तेज कर दी और मेरी गांड को भी जमकर चोदने लगे.

बहुत देर तक चोदने के बाद अब मेरी गांड खुल चुकी थी.

तब उन्होंने मुझसे फिर से अपना लंड चूसने को कहा.
मैं गांड से निकला हुआ लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। अजीब सी गंध आ रही थी लेकिन इन सब बातों में एक अजीब सा मजा था.

और फिर उन्होंने मुझे पेट के बल लेटा लिया और पीछे से कभी लंड मेरी गांड में डालते तो कभी मेरी चूत में डालते।
वे बहुत देर तक ऐसे ही मेरी चूत और गांड की चुदाई करते रहे.

फिर उन्होंने मुझे सीधी लिटा लिया और मेरे ऊपर आकर मुझे चूमने लगे, मेरे जिस्म का चाटने लगे, काटने लगे, चूसने लगे. उन्होंने मेरे सारे जिस्म को लाल कर दिया था. मेरे बूब्स को चूस चूस कर भी उन्होंने लाल कर दिया था.

मेरे बाल खुल गए थे. आज मुझे पहली बार चुदाई में ऐसा महसूस हुआ कि जैसे आज से पहले मैं चुदी ही नहीं हूँ. इस जोरदार चुदाई में बहुत मजा आया मुझे.

उन्होंने मुझसे कहा- तुम बहुत सेक्सी हो. मेरा मन करता है कि तुम्हें खा जाऊं.
फिर वे पूछने लगे- तुम्हें भी रोज चुदने की आदत होगी?
मैंने उन्हें हम्म कहकर कर जवाब दिया।

अब उन्होंने फिर से मेरी चूत में लंड डाल दिया और मुझसे कहा- अब मैं तुम्हें मजा दिलाऊंगा. क्योंकि अगर मैं तुम्हें पहले ही मजा दिला देता तो तुम मुझे मजा नहीं दिलवाती. जैसे तुम अब चुदी हो तुम फिर वैसे नहीं चुदवाती।

इसलिए वह मेरी चूत में अपना लंड आगे पीछे करने लगे और आराम आराम से मेरे सारे जिस्म को चाटने लगे.

मेरा तो जैसे अब झड़ने का पूरा मन कर रहा था क्योंकि एक चुदने की हवस भी अब खत्म हो गई थी और अंदर कहीं ना कहीं मैं थक सी भी गई थी. अब मुझे चुद के झड़ के बस सोना था.

और मुझे धीरे-धीरे मजा आने लगा. मैंने अपने हाथों से उनके कंधों को पकड़ लिया और अपनी टांगों को उनके चूतड़ के ऊपर रख दिया. वे अंदर तक अपना लंड मेरी चूत में डालने लगे।

मेरा बदन अकड़ने लगा था, मुझे मजा आने वाला था. मेरा मुंह खुल रहा था और मैं अपने मुंह से सांसें ले रही थी.

और मुझे मजा आ गया. जैसे ही मुझे पूरा मजा आया, मैंने अपना दांत हल्के से उनके कंधे पर गड़ा दिए और तेज तेज धक्के मारने लगी।

 12,015 total views

Tagged : / / / / /

चुदाई के मजे

मेरे प्यारे मित्रो, मेरा नाम सुरभि है। मैं एक भरे हुए जिस्म की औरत हूं। मेरी उम्र 30 साल के आसपास है. आप लोग मुझे देखोगे तो मैं आपको एक बेबी डॉल लगूंगी।

मैं अपनी लाइफ में हुई कुछ सेक्स की बातें आप लोगों के साथ शेयर करना चाहती हूं. मैं आपको आज अपना एक सच्चा किस्सा बताना चाहती हूं।

मेरा जिस्म एकदम मस्त है मेरा जिस्म देखते ही लोगों को मुझे चोदने का ख्याल आने लगता है।

मैं एक हाउसवाइफ हूं. मेरी शादी को एक साल हो चुका है। जब मेरी शादी हुई तो मेरे हस्बैंड ने मुझे सुहागरात वाले दिन 5 बार चोदा था। मुझे भी उस रात बहुत मजा आया था।

मेरे हस्बैंड और मैं खूब सेक्स करने लगे. शादी के कुछ समय बाद तक हम दोनों ने खूब मजे लूटे एक दूसरे के साथ सेक्स के खेल खेल के और चुदाई करके!

फिर सेक्स हमारा सामान्य होने लगा जो कि आम जीवन में होता भी है। एक जैसा सेक्स रोज करने से इंसान रोज बोर होने लगता है। तो फिर मेरे हस्बैंड और मैंने कुछ नया करने की सोची।

हमने सिर्फ एक दूसरे को किसी गैर औरत या मर्द के साथ सेक्स करने जैसा फील करने की सोची। हम रियल में किसी के पास नहीं गए।
बस उन्होंने मुझसे कहा- बस फील करो कि मैं तुम्हें किसी और आदमी से चुदवा रहा हूं।

शुरू में मुझे यह बहुत अजीब लगा लेकिन जब वे मेरे साथ सेक्स करते थे और तो मुझसे ऐसी गैर मर्द से चुदाई वाली बातें करते थे तब मुझे बहुत अच्छा लगता था।

उनका एक दोस्त है राज. वह अक्सर घर पर आया करता था.
और मेरे पति ने मुझसे बताया- राज मजाक मजाक में मुझे कहता है कि भाभी बहुत मस्त है। मैं एक बार भाभी के साथ सेक्स करना चाहता हूं. मैं भी इनकी जवानी के मजे लेना चाहता हूं।

मुझे भी राज देखने में एकदम अच्छा लगता था. मैं उसके साथ मजे लेना चाहती थी लेकिन कहीं मेरे हस्बैंड मुझे करैक्टरलेस ना सोचें, इसलिए मैंने कभी अपने मुंह से यह बात नहीं कहीं।
एक रात जब मेरे पति मुझे चोद रहे थे तो उन्होंने मुझसे कहा- आज हम राज को लेकर फील करते हैं कि तुम राज से चुदवा रही हो और मैं तुम्हें देख रहा हूं.
मैंने कहा- ठीक है।

फिर मेरे हस्बैंड ने मुझसे कहा:

मानो एक रात मैंने राज को तुम्हारी चूत चोदने के लिए आमंत्रित किया।
डोर बेल बजी!
और तुमने एक सक्सी नाइटी ड्रेस पहनकर दरवाजा खोला।

तुम्हारी गोरी जांघें बिल्कुल साफ दिख रही हैं. तुम्हें देखते ही राज को लगा कि मानो तुम्हें चोदने के सपने उसके पूरे होने वाले हों।

फिर तुमने सेक्सी नाइट ड्रेस पहनकर हम सबके लिए उस रात खाना बनाया और हम तीनों ने साथ बैठकर खाना खाया।
खाना खाते वक्त भी राज तुम्हें घूर रहा है क्योंकि आज मेरी ब्यूटीफुल वाइफ को चोदने का उसका सपना पूरा होने वाला है।

फिर हम सब रूम में चले गए. वहां जाकर राज तुम्हारे साथ बेड पर बैठ गया और तुम्हारा हाथ अपने हाथ में ले लिया और फिर तुम्हारी गर्दन पर धीरे-धीरे किस करने लगा।

मैं आप लोगों को जानकारी के लिए बता दूं कि जब हम दोनों ये बातें कर रहे थे तो मेरे हस्बैंड का लंड मेरी चूत में था।

फिर उन्होंने मुझसे कहा:

राज तुम्हारे कपड़े उतार रहा है और उसने तुम्हारी नाइटी को तुम्हारे बदन से अलग कर दिया है. अब तुम उसके सामने सिर्फ ब्रा और पेंटी में हो.
उसने दोनों हाथों से तुम्हारे बूब्स को पकड़ लिया है और कह रहा है ‘भाभी … आप तो माल हो. आज आप को चोदने में बहुत मजा आएगा।
और वह प्यार में तुमसे पूछ रहा है ‘भाभी, आज तुम मुझसे चुदवाओगी ना?’
तो तुम भी हां में सर हिला कर जवाब दे रही हो.

और फिर उसने तुम्हें बेड की तरफ धक्का दे दिया और तुम्हारे बूब्स को पागलों की तरह चूमने चाटने और चूसने लगा. उसने तुम्हारे सारे बदन पर थूक लगा दिया. तुम्हारा सारा बदन गीला कर दिया और मैं अपनी वाइफ को किसी और से चुदते हुए देख रहा हूं. तुम पूरे जोश में उसका साथ दे रही हो.

और फिर मेरे हस्बैंड ने मुझसे कहा- अब तुम बताओ कि तुम उसके साथ क्या-क्या करोगी?
तो मैं अपने हस्बैंड से चुदती चुदती कहने लगी:

मैं पूरे जोश में आ गई और मैंने राज को बेड की तरफ धक्का देकर सीधा लेटा दिया. मैंने अपने दोनों हाथों से उसके उसके लंड को पकड़ कर अपने मुंह में डालने लगी। उसके लंड को चूसने लगी.

फिर मैं अपने हस्बैंड से कहने लगी- मुझे राज से चुदना है … मुझे राज से चुदवाओ प्लीज!
मेरे हस्बैंड ने कहा- चल मेरी रानी, आज तुझे दो लंड का भोग लगावाता हूं।

फिर से मैं बोलने लगी:
अब राज ने मुझे सीधा लिटा लिया और अपने लंड को एक ही बार में मेरी चूत में डाल दिया.
मैं चिल्ला पड़ी लेकिन उसने मेरे चिल्लाने की कोई परवाह नहीं की और बहुत तेज तेज धक्के लगाने लगा.

कुछ देर के लिए तो उसके धक्के सहपाना मेरे लिए मुश्किल हो गया लेकिन धीरे-धीरे मुझे मजा आने लगा।

फिर मैंने राज को अपनी बांहों में भर लिया, अपनी दोनों टांगें उठा कर उसके ऊपर रख ली और उसकी कमर पर अपने दोनों हाथ चलाने लगी जैसे मैं उसको उत्साहित कर रही हूँ।
और तेज चोदने के लिए और वह मेरे होठों को अपने होंठों में डालने लगा.
उसने मुझसे कहा- भाभी अपनी जीभ निकालो.

और उसने मेरी जीभ को अपने मुंह में ले लिया. हम दोनों एक दूसरे की पागलों की तरह चूमने और चाट रहे थे और आप हमें दूर से देख रहे थे.

फिर राज ने मुझे घोड़ी बना लिया और पीछे से अपना लंड मेरी चूत में डाल कर घोड़ी की तरह मुझे चोदने लगा. वह मेरे मोटे मोटे चूतड़ों पर दबाकर धक्के मारने लगा. मेरी चीख निकल रही थी. मेरी कमर को पकड़ कर पीछे की तरफ खींचता और अपने लंड से आगे की तरफ जोर लगाता तो पूरा लंड चूत के अंदर चला जाता.
जिससे मुझे बहुत दर्द होता और मैं चिल्ला रही थी.
आप मुझे ऐसे दर्द में चिलाते हुए देख रहे थे।

फिर राज बेड पर सीधा खड़ा हो गया और उसने मुझे अपना लंड चूसने का इशारा किया. मैं भी बेड पर घुटनों के बल बैठ गई और अपने पति के दोस्त का लंड चूसने लगी.
उसने मेरे बालों को पकड़कर अपना पूरा लंड मेरे मुंह में डाल दिया जिससे मेरे मुंह से थूक निकलने लगा।
और वह मेरे मुंह को धकाधक चोदने लगा.

फिर उसने मुझे बेड पर पेट के बल लिटा कर पीछे से मेरी कोली भर ली और अपना लंड मेरी चूत में घुसाकर चोदने लगा. वह मुझे ऐसे चोद रहा था मानो जैसे पूरी खा जाएगा.
और मैं जैसे बस उसकी होती जा रही थी. राज का एक-एक धक्का मुझे पागल कर रहा है।

थोड़ी देर में मुझे मजा आने लगा. अब मैं झड़ने वाली हूं। तो मेरे हसबैंड मेरी चूत में और तेज धक्के लगाने लगे और उन्होंने मुझे ऐसे ही झड़वा दिया। फिर वे खुद भी झड़ गए.

दोस्तो यह थी मेरी और मेरे पति की एक छोटी सी केमिस्ट्री जो शायद आप लोगों को बहुत पसंद आएगी।

दोस्तो, यह मेरे हस्बैंड और मेरे बीच की सेक्स के वक्त के बीच की बातचीत थी।

फिर हमारे बीच में लगभग लगभग रोज ही ऐसा होने लगा हम किसी दूसरे को फील करके सेक्स करने लगे. लेकिन फिर कुछ समय बाद मुझे अब सामान्य लगने लगा मेरे हस्बैंड इससे आगे नहीं बढ़ते थे. वह सिर्फ इस बातचीत और इस फील तक ही सीमित थे.

लेकिन मेरा मन तो अब सच में किसी और से चुदने का करने लगा था। लेकिन आज के समय पर किसी में भरोसा करना बहुत मुश्किल है। मुझे ऐसा व्यक्ति चाहिए जो मुझे चोद कर मेरी चूत की वासना को ठंडी करे. वह हमेशा मेरी मेरी चूत चोदता रहे. वह मुझसे बढ़कर किसी और चीज को अहमियत ना दे।

बात यह भी है कि यह बात मैं अपने पति से कह भी नहीं सकती कि सच में मुझे किसी दोस्त की तलाश है.

मुझे अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी साईट के बारे में अपने कॉलेज टाइम से पता है. तो मैंने अपनी यह फेंटेसी सेक्स स्टोरी आप लोगों के साथ शेयर करने की सोची. मैं अन्तर्वासना पर अपनी काल्पनिक ख्यालों वाली कहानी लिख रही हूं यह बात मेरे हस्बैंड को नहीं पता है।

मैं अपने पति से छिपाकर अपनी लाइफ में एक दोस्त चाहती हूं जो हमेशा मेरा साथ दे सेक्स में! और मेरी गर्म जवानी को खूब चूसे. मैं उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसती रहूं और वह मेरी चूत को अपने मुंह में लेकर चूसता रहे। वह मेरी चूत में आपना लंड डालकर मुझे खूब चोदे। जिसके साथ में पूरी जिंदगी चुदाई के मजे ले सकूं।

 12,409 total views

Tagged : / / / /