Redirecting in 20 seconds...

मेरी चुत चाटने लगा

मेरे भाई का लंड आठ इंच का था. अपने भाई के लंड से कई बार चुदवा लेने से मेरी फिगर भी भरने लगी थी और मेरा जिस्म मस्त हो गया था.

कॉलेज में मेरी सहेलियां मुझे छेड़ने लगी थीं कि ऐसा क्या लेने लगी हो, जिससे तेरा जिस्म भरने लगा है.

इस पर मेरी एक सहेली मुझे छेड़ते हुए बोली- लगता है जलेबी शीरा पी गई.
उसकी बात मेरी समझ में नहीं आई मगर बाकी की सहेलियां जो कुछ चुदक्कड़ किस्म की थीं, हंसने लगीं.

मैंने उस सहेली से पूछा- जलेबी शीरा पी लेती है, तो इसमें हंसने की क्या बात है?
वो और जोर से हंसने लगी.

मेरी समझ में नहीं आ रहा था.
तभी एक सहेली ने मुझसे कहा- तू बिल्कुल चूतियम सल्फेट है … अबे जलेबी शीरा पीने का मतलब भी नहीं समझती है.
मैंने उसकी तरफ देख कर कहा- अगर मैं समझ गई होती, तो पूछती ही क्यों … बता न जलेबी शीरा पीने से क्या मतलब होता है?
तभी एक दूसरी चुदक्कड़ सहेली ने मेरी चूची दबाई और कहा- आह मेरी जलेबी बाई … तूने किसके लंड का शीरा पी लिया … जो तेरे इतने कड़क मम्मे हो गए.

उसकी बात सुनते ही मुझे समझ आ गया कि कमीनी की जलेबी शीरा पीने की बात का क्या मतलब हुआ.

वैसे साली सही ही तो कह रही थी कि मेरी चुत ने भाई के लंड का शीरा पी लिया था इसलिए तो मेरी चूचियां भरने लगी थीं. चुदाई के वक्त मेरा भाई मेरी चूचियों को खूब चूसता है, जिस वजह से मेरे दूध फलने फूलने लगे थे.

मैं हंस दी और वहां से अपनी एक पक्की सहेली के साथ क्लास की तरफ बढ़ गई. मेरी इस सहेली का नाम तान्या था. वो कॉलेज में मेरी बेस्ट फ्रेंड है.

उसने मुझसे कहा- ये लड़कियाँ इतनी गंदी बातें करती हैं कि मेरी तो चुत में पानी ही आ जाता है.
मैंने उससे पूछा- तेरी चुत में पानी आ गया है … तो अब तू क्या करेगी?

वो मेरी तरफ देख कर हंसने लगी. मैंने हंस मत कुतिया … बता न कि चुत के पानी का क्या करेगी?
पहले तो वो बोली- क्या करूंगी, बाथरूम में जाकर उंगली करके पूरा शीरा निकाल लूंगी और सूसू करके वापस आ जाऊंगी.
मैंने उसकी चूची दबाते हुए कहा- कमीनी शीरा तो लंड से निकलता है … तेरी चुत से शीरा कैसे निकलेगा.

वो हंसने लगी और बातों ही बातों में उसने मुझे बताया- मैं भी शीरा ले लेती हूँ.
मैंने आंख मार कर उससे पूछा- तू किसका शीरा लेती है?
वो मेरी चूची दबाते हुए बोली- साली, अभी तू ही तो कह रही थी कि शीरा तो लंड से निकलता है, तो मैं भी लंड का शीरा ही लेती हूँ.
मैंने अपना सर पीटते हुए पूछा- अरी मूरख ये तो मालूम है कि लंड का शीरा लेती है … लेकिन किसके लंड का शीरा लेती है, ये तो बता?

पहले तो वो आनाकानी करने लगी. फिर मुझे कसम देते हुए बोली- किसी से कहना मत!
मैंने उसके सर पर हाथ रखा कि तू मेरी सबसे पक्की सहेली है, मैं किसी से नहीं कहूँगी. अब तू जल्दी बता कि किसका लंड लेती है?
उसने मुझे बताया- मैं अपने भाई का लंड लेती हूँ.

मैं उसकी बात सुनकर अवाक थी.

वो मेरी तरफ देख कर बोली- अब तू बता कि तू किसका शीरा लेती है?
मैंने भी दबी जुबान में बता दिया- मैं भी अपने भाई के लंड का शीरा लेती हूँ.

वो मेरी शक्ल देखने लगी. एक पल के लिए हम दोनों की आंखों में एक अजीब सी बेचैनी थी. मगर अगले ही पल हम दोनों हंस पड़ी और एक दूसरी से लिपट गई. वो मुझे ऐसे चूमने लगी, जैसे हम दो रंडियां अपनी चुदाई की बात से खुश हो रही हों.

इस तरह हम दोनों ने ओपन होते ही एक दूसरे को सब बता दिया.

तान्या ने अपने भाई के लंड की फोटो अपने मोबाइल में ली हुई थी. उसने मुझे अपने भाई के लंड की फोटो दिखाते हुए कहा- ये मेरे भाई के लंड की फोटो है … तेरे भाई का लंड कैसा है?
मैं भी अपने भाई के लंड की फोटो अपने मोबाइल में रखे थी. मैंने भी उसको अपने भाई के लंड की पिक दिखाई.

मेरे भाई का आठ इंच का मोटा लंड देख कर तान्या बोली- वाओ तेरे भैया का लंड तो बड़ा मस्त है … मुझे भी इस लंड को अपनी चुत में लेना है … प्लीज़ तू कुछ जुगाड़ कर न!
मैंने उससे बोला- मैं भाई से बात करके बताती हूँ.

अब इधर मैं आपको थोड़ा तान्या के बारे में बता देती हूँ. तान्या का फिगर बड़े कमाल का है उसके फिगर का साइज़ 32-28-34 का था. वो एकदम दूध के जैसे गोरी थी और उसे लंबे लंबे लंड लेने का बड़ा शौक था. साथ ही वो गंदी गंदी बातें करने में मानो एक्सपर्ट थी. साली एक लाइन में दस गाली निकालती थी.

साथ ही वो मेरी सबसे अच्छी फ्रेंड भी थी. अब तो हम दोनों के बीच में अपने भाइयों से चुदने का राज भी साझा हो गया था, तो हम दोनों एक दूसरे के पक्के राजदार बन गयी थी.

उस दिन उसने मुझे क्लास से बाहर खींचा और मुझे वाशरूम की तरफ ले आई. उधर उसने मुझसे कहा- चल कुतिया आज हम दोनों अन्दर चल कर लेस्बो करती हैं.

मैंने कहा- साली मरवाएगी क्या? जानती भी है … कोई लड़का आ गया तो क्या होगा?
वो बोली- साली तेरी इतनी गांड फटती है … मुझे आज ही मालूम हुआ है. भोसड़ी वाली … सभी जगह लेडीज जेंट्स टॉयलेट अलग अलग होते हैं. और तेरी मर्जी हो तो चल मैं तो जेंट्स टॉयलेट में चल कर भी तेरे साथ लेस्बियन करने को रेडी हूँ. कोई आ भी गया तो उसके लंड को भी मजा दे दूंगी.

मैंने उसकी बात सुनकर माथा पीट लिया कि किस कमीनी से दोस्ती कर ली.

खैर वो नहीं मानी और लेडिज टॉयलेट में जाकर उसने मेरी चुत में उंगली की, मेरे दूध मसले और मैंने भी उसकी चुत में उंगली करके एक दूसरे का पानी निकलवा दिया. फिर सूसू करके मैं अपनी पैंटी और सलवार ऊपर करने लगी, तो देखा उसने अपने बैग में से एक सिगरेट निकाली और लाईटर से जला कर कश लेने लगी. उसने अभी भी अपनी चुत नंगी खोल रखी थी.

मैंने उसकी तरफ देखा, तो उसने मुझे आंख मारी और मेरी तरफ सिगरेट बढ़ा दी.

मैंने भी कामवासना के मद में उसके हाथ से सिगरेट लेकर अपने होंठों में लगा ली और एक कश खींचा … मगर मुझे खांसी आ गई और वो हंसने लगी. उसने अपनी चड्डी और सलवार ऊपर की और मुझे सिगरेट पीने का तरीका बताने लगी.

दोस्तो, ये कॉलेज ही होता है, जिधर हर तरह का ज्ञान दोस्तों के द्वारा मिलता है. खैर … हम दोनों बाथरूम में मस्ती करने के बाद वापस आ गयी.

शाम को मैं घर आ गई. उस समय मेरा भाई अपने रूम में था. मैं फ्रेश होकर भाई के पास गई और भाई को अपनी बांहों में लेकर उसे किस किया.

उसने भी मुझे अपनी बांहों में कस लिया. वो इस समय सिर्फ एक फ्रेंची में था. मैंने उसकी चड्डी में हाथ डालकर उसके लंड को हाथ में ले लिया. भाई मेरी इस हरकत से गर्म होने लगा और मेरी चूचियां मसलने लगा.

कुछ ही देर में मैंने भाई को बिल्कुल गर्म कर दिया.
भाई ने अपना आठ इंच का लंड बाहर निकाल लिया और बोला- चल तू बड़ी गर्म होकर आई है … पहले सेक्स कर लेते हैं.

मैं बोली- भाई अभी घर पर सब हैं, रात तो अपनी है ही मेरी जान.

मगर भाई नहीं माना. उसने जिद करके अपना लंड मेरे मुँह में दे ही दिया.

मैं बैठ कर उसका लंड चूसने लगी. मेरे अन्दर आज पहले से ही सेक्स का खुमार चढ़ा था … लंड चूसने से और नशा छा गया. मैं ज़ोर ज़ोर से भाई का लंड चूस रही थी. तभी किसी के आने के आवाज़ आई, तो मैं झट से अलग हो गई और भाई ने सब ठीक कर लिया. हम दोनों आमने सामने बैठ गए और बात करने लगे.

मेरा मन भी अब उससे चुदने को करने लगा था. भाई का लंड तो ले नहीं सकती थी … तो बाथरूम में जाकर मैंने अपने आपको शांत किया.

जैसे जैसे रात गहरी होती गई … सब सो गए. मैं सबसे छिप कर भाई का लंड चुत में लेने के लिए अपने भाई के पास आ गई. मेरा भाई अब तक सो चुका था.

मैंने उसके कमरे के दरवाजे को धीरे से बंद किया और सिटकनी लगा कर घूम गई. मैं इस समय बहुत चुदासी हो रही थी. मैंने जल्दी से अपने ऊपरी कपड़े उतार कर एक तरफ फेंक दिए. मैं अब ब्रा और पैंटी में रह गई थी. मैंने भाई के पास जाकर उसका लोअर खींच कर उतार दिया. साथ साथ में उसका अंडरवियर भी खिंचा चला आया. मैंने देखा कि भाई का सोया हुआ लंड भी मस्त लग रहा था. मैं भाई के लंड को चूसने लगी. लंड चूसते समय भाई को गीला गीला सा लगा तो उसकी आंखें खुल गईं.

भाई मुझे गाली देते हुए बोला- भैन की लौड़ी … साली आ गई अपने आदमी के पास लंड लेने.

मैं हंस दी और उसका लंड चूसने लगी. धीरे धीरे भाई का लंड एकदम खड़ा हो गया. पूरा फूल कर लंड अपनी औकात में आ गया. मैं जल्दी से अपनी चड्डी और ब्रा उतार कर भाई के लंड के ऊपर आकर अपनी चुत में लेने लगी.

मैं अपने भाई का पूरा लंड अन्दर ले गई, तो भाई बोला- साली बड़ी जल्दी लंड खा गई … किसी और का भी लेने लग गई क्या?
मैं हंस दी और बोली- भाई मेरी चुत के लिए तो आपका लंड ही बहुत है.

ये बोल कर मैं अपनी भैया के मोटे लंड से चुदने लगी.

‘आआह … आआहह … भाई चोदो ज़ोर से चोदो … बड़ा मजा आ रहा है.’

पूरे रूम में पट् फट् की आवाज़ आ रही थी.

‘आह बसस्स भाई … बहुत अन्दर तक जा रहा है … आह मैं मर जाऊंगी … आह धीरे..’
मेरी बात सुनकर भाई मुझे और ज़ोर से चोदने लगा.

कुछ देर बाद भाई ने मुझको डॉगी स्टाइल में खड़ा कर दिया और ज़ोर से पीछे से लंड पेल कर मुझे चोदने लगा.

बीस मिनट की चुदाई के बाद भाई ने अपना सारा लंड रस मेरी चुत में छोड़ दिया.

वो अपने लंड की पिचकारियां मेरी चुत में छोड़ते हुए बोला- आआहह … मज़ा आ गया यार. … कल तेरी गांड मारूंगा.

मैं बोली- भाई नहीं … गांड नहीं … उधर बहुत दर्द होता है.
भाई बोला- नहीं मेरी बहना … मैं प्यार से तेरी गांड मारूंगा.
मैं बोली- यहां नहीं … मैं दिल्ली आऊंगी … तब मार लेना.

भाई ने मुझको किस किया. मैं भाई की बांहों में नंगी ही लेट गई.

मुझे अपनी फ्रेंड की बात याद थी.

मैंने भाई को बताया कि मेरी एक फ्रेंड आपसे चुदवाना चाहती है.

भाई ने मेरी सहेली के बारे में मुझसे बात की और उसका फिगर कैसा है, ये सब पूछा.

मैंने तान्या के सेक्सी शरीर की बात भाई को बताई, तो भाई का लंड तान्या की चुदाई करने के लिए खड़ा हो गया.
वो बोला- ठीक है … कब चुदवाएगी तान्या. मैं बोली- जब आप बोलो.

तान्या की चुत मिलने का सुनते ही भाई ने कहा- उसकी चुदाई पहली फुर्सत करूंगा. मगर अभी तेरी एक बार फिर से लेने का मन हो गया है.
मैं भी अपने भाई के लंड से दुबारा चुदने को बेचैन हो गई थी.

इस बार भाई से सुपरफास्ट और बहुत हार्ड तरीके से मेरी चुत चुदाई कर डाली. उसने इतनी स्पीड में चुदाई की थी कि मेरी चुत भी दर्द करने लगी थी.

भाई बोला- यार तान्या को जल्दी चुदवाना … तेरी बात सुनकर मेरे लंड में आग लग गई है.
मैं थोड़ी दुखी हो गई.

वो बोला- क्या हुआ?
मैंने कहा- तान्या के बाद आप मुझको तो चोदोगे नहीं?
भाई बोला- अरे नहीं यार … तान्या को एक बार खुश कर देता हूँ. उसके बाद मैं तो तेरा ही हूँ. जब तू बोलेगी तब तुझे चोद दूंगा.
मैं बोली- ओके भाई.

मैं कपड़े पहन कर अपने रूम में चली गई. सुबह कॉलेज में मैंने तान्या को रात की चुदाई के बारे में सब बता दिया.

वो गाली देते हुए बोली- साली अकेली ही चुद कर आ गई भोसड़ी वाली. मेरी चुत का क्या होगा?
मैं बोली- मर मत. … भाई से बात हो गई है … तू बता तुझे उससे कब चुदना है.
वो बोली- कल ही बुला ले.
मैंने कहा- किधर चुदेगी?
वो बोली- हां यार … ये तो दिक्कत है … उसे कहाँ बुला लूं … मादरचोद कोई प्लेस भी नहीं है.

मैं उसकी तरफ देखने लगी.
वो बोली- होटल में चली जाऊंगी.
मैंने ओके कह दिया और घर आ गई.

घर आकर मैंने भाई को बता दिया और कल उसके साथ चलने का कहा.
भाई भी राजी हो गया.

अगले दिन मैंने तान्या को भाई से मिलवाया, तो दोनों बिना किसी की शर्म के ऐसे मिल रहे थे … जैसे दोनों पहले ही एक दूसरे जानते हों.
थोड़ी देर में मैं कॉलेज आ गई.

अब आगे की स्टोरी तान्या से सुनिए.

हैलो मैं तान्या … मैं शिवानी के भाई के साथ होटल के रूम में आ गई. ये रूम मैंने ही बुक किया था. कमरे में जाते ही मैं शिवानी के भाई से चिपक गई. पागलों के जैसे उसको किस करने लगी. वो भी गर्म हो गया और मेरा पूरा साथ दे रहा था. मेरे चूचे दबा रहा था. वो दो तीन मिनट में ही पूरा पागल हो गया.

उसने धीरे धीरे करके मेरे सारे कपड़े निकाल दिए, मैंने उसके कपड़े हटा दिए.

उसका आठ इंच कर खड़ा लंड देख कर मेरी तो गांड फट गई. मैं उससे बोली- कैसे जाएगा … ये तो बहुत मोटा और लंबा है.
वो बोला- तू मेरा कमाल देख … इस लंड को तो तू उछल उछल कर चुत में लेगी.
मैं हंस दी.

उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरी चुत चाटने लगा. मैं पागल हो गई और सिसकारियां भरने लगी ‘आआहह … आआहह … चाटो … डियर मज़ा आ रहा है … आआह..’

कुछ देर मैं भी उसका लंड चूसने लगी. फिर मैंने उससे कहा- अब नहीं रहा जा रहा … मुझे चोद दो प्लीज़.

उसने मुझे बिस्तर में चित्त लेटा दिया और मेरी टांगें ऊपर करके लंड चुत की फांकों में सैट कर दिया. उसके मलंद का सुपारा एकदम दहक रहा था. उसने मेरी चुत में लंड का एक शॉट मारा … तो उसका आधा लंड मेरी चुत में घुसता चला गया

मेरी मैया चुद गई … ऐसा लगा जैसे किसी ने गर्म सलाख चुत में ठांस दी हो. मेरी दर्द से भरी तेज चीख निकल गई- आआहह … आआहह … निकालो.

और मेरी आँखों से आंसू निकल गए. मैंने इतना मोटा लंड अब तक नहीं लिया था. हालांकि मेरे भाई का लंड भी सात इंच का है … लेकिन शिवानी के भाई का लंड मोटा बहुत था.

थोड़ी देर बाद मेरा दर्द कम हुआ तो वो मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.
मैं भी ‘आआहह … आआहह..’ करके चुद रही थी. वो ज़ोर ज़ोर से मुझे चोदे जा रहा था.

कोई बीस मिनट की चुदाई में मेरी जान निकल गई. उसने मेरी चुत में ही सारा रस छोड़ दिया और मेरे ऊपर लेट गया.
थोड़ी देर वो ऐसे ही लेटा रहा. फिर बोला- तेरी लेने में मज़ा आ गया.
मैं उसको किस करने लगी.

उस दिन उसने मुझको तीन बार चोदा. शाम को घर आकर मैंने शिवानी को फोन पर सब बता दिया और सो गई.

तो दोस्तो, मेरी सहेली तान्या मेरे भाई से चुद कर खुश हो गई थी. भाई को भी उसे चोदने में मज़ा आ गया था.

भाई ने घर आकर मुझे गले से लगाया और बोला- सच में तान्या बड़ी टेस्टी थी … आज उसकी चूत लेने में बड़ा मज़ा आया.

मैंने कहा- उसकी तो ले ली … मेरी कब लोगे?
भाई- तुम्हारी कल लूंगा … कल तुमको और भी मस्त चोदूंगा.

उस दिन के बाद मैं और तान्या भाई से चुद रही हैं. तान्या और मैं अपने भाई से एक साथ भी चुद चुकी हैं. तान्या के भाई से भी मैं चुद चुकी हूँ. हम चारों ने एक बार ग्रुप सेक्स भी किया है. वो सारी बातें अगली मदमस्त सेक्स कहानी में लिखूंगी. लव यू फ्रेंड्स आप भी चोदते रहिए और लड़कियों तुम सब भी चुदती रहो. जवानी एक बार ही आती है … इसके पूरे मजे लो.

 6,946 total views,  36 views today

Tagged : / / / / / / /

86 thoughts on “मेरी चुत चाटने लगा

  1. I simply wanted to thank you so much once more. I do not know what I would’ve taken care of without these tactics shared by you regarding that subject. It was actually an absolute intimidating problem in my position, nevertheless taking a look at this specialized tactic you solved the issue took me to leap with happiness. I will be happy for your service and thus sincerely hope you really know what an amazing job you have been putting in teaching some other people using your webblog. Most likely you haven’t got to know any of us.

  2. I happen to be writing to make you understand what a useful experience our princess went through visiting yuor web blog. She realized too many things, with the inclusion of what it is like to possess an incredible teaching style to make the others without hassle thoroughly grasp various very confusing topics. You undoubtedly surpassed visitors’ expected results. Thanks for showing those warm and friendly, trustworthy, revealing not to mention unique tips on your topic to Tanya.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *